*NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से की जा रही ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा
रिपोर्ट अतीक अहमद
*अब तक की जांच में उक्त गिरोह द्वारा लगभग ₹01 करोड़ की साइबर ठगी किये जाने का तथ्य प्रकाश में आया है। साथ ही देशभर से इस संबंध में लगभग 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।*
*बैंक कर्मियों की संलिप्तता उजागर, फर्जी सिम व म्यूल खातों से संचालित था साइबर अपराध नेटवर्क*
*उज्जैन–इंदौर से जुड़े दो अन्तर्राज्यीय शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार*
*गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 अदद मोबाइल फोन मय सिम कार्ड , 3 अदद एटीएम कार्ड , 02 अदद चेक बुक , 01 अदद बैंक आईडी , 1 अदद जिओ सिम कार्ड , नगद 870 rs बरामद*
*डॉ० अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़* के निर्देशन में, *अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विवेक त्रिपाठी* के कुशल पर्यवेक्षण एवं *क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल* के मार्गदर्शन में *थाना साइबर क्राइम आजमगढ़* पुलिस टीम को साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत *एक बड़ी सफलता* प्राप्त हुई है।
*थाना साइबर क्राइम आजमगढ़* पर पंजीकृत *मु०अ०सं० 29/2025,* धारा *318(4), 319(2) BNS एवं 66D IT Act* के अंतर्गत *NEXT TRADE* नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से की जा रही संगठित ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश करते हुए *02 अन्तर्राज्यीय शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार* किया गया है।
*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आवेदक *श्री अशोक कुमार अग्रवाल,* पुत्र *कृष्ण कुमार अग्रवाल,* निवासी बदरका, थाना कोतवाली आजमगढ़ द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि उन्होंने फेसबुक पर NEXT TRADE का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। अभियुक्तों द्वारा ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर *NEXT TRADE नामक फर्जी ऐप का लिंक* भेजा गया तथा उसमें धनराशि निवेश करने को कहा गया। विश्वास में आकर आवेदक द्वारा कुल *₹8,99,000/-* की धनराशि जमा कर दी गई। प्रारंभ में ऐप पर मुनाफा दर्शाया गया, किंतु जब आवेदक ने धनराशि निकासी का प्रयास किया तो निकासी संभव नहीं हुई। तत्पश्चात उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उनके साथ साइबर फ्राड होने की पुष्टि हुई।
*गिरफ्तारी का विवरण / अनावरण-*
मुकदमे की विवेचना के दौरान बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों की लोकेशन एवं तकनीकी जांच के आधार पर दिनांक *03.02.2026* को थाना *साइबर क्राइम आजमगढ़ पुलिस टीम* द्वारा *02 अन्तर्राज्यीय शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार* किया गया। बरामदगी व पूछताछ के आधार पर मुकदमे में *धारा 111(1) BNS* की बढ़ोत्तरी की गई है।
*अपराध करने का तरीका-*
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को NEXT TRADE ऐप डाउनलोड कराकर धनराशि निवेश कराता था। प्राप्त धनराशि को *म्यूल बैंक खातों* में ट्रांसफर कराया जाता था। इस गिरोह में *कुछ बैंक कर्मियों की भी संलिप्तता* सामने आई है, जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले से हस्ताक्षरित *ब्लैंक चेक* उपलब्ध कराते थे। जैसे ही खातों में धनराशि आती थी, उसे तत्काल चेक के माध्यम से निकाल लिया जाता था। खातों के लेन-देन का पूरा हिसाब रखा जाता था। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा *लगभग ₹01 करोड़* की साइबर ठगी किए जाने के तथ्य प्रकाश में आए हैं। देशभर से *लगभग 12 शिकायतें* प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच कर संबंधित पीड़ितों को सूचित किया जाएगा।
*गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-*
1. *इन्द्रजीत डे* पुत्र स्व० देवाशीष डे, स्थाई निवासी – A-69, द्वितीय तल, पांडव नगर, ईस्ट दिल्ली, वर्तमान पता – 161 अन्नपूर्णा नगर, थाना नानाखेड़ा, जनपद उज्जैन (म०प्र०)
2. *अंकेश धाकड़* पुत्र रामहेत धाकड़, स्थाई निवासी – जगतपुर, कोलारस, शिवपुरी (म०प्र०), वर्तमान पता – 29/05 अहिल्यापुरी, थाना भंवरकुआं, इंदौर (म०प्र०) *यह कोटक महिन्द्रा बैंक इंदौर में कार्यरत था।*
*बरामदगी का विवरण-*
1. 03 अदद मोबाइल फोन मय सिम कार्ड
2. 03 अदद एटीएम कार्ड
3. 02 अदद चेक बुक
4. 01 अदद बैंक आईडी
5. 01 अदद जियो सिम कार्ड
6. नगद ₹870/-
*वांछित / फरार अभियुक्त*
1. *गोपाल भदौरिया* – कोटक बैंक कर्मी
2. *माधव*
3. *रॉकी*
4. *प्रीतम* – यस बैंक कर्मी
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
1. प्रभारी निरीक्षक *देवेन्द्र प्रताप सिंह,* थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
2. उपनिरीक्षक *योगेन्द्र प्रसाद*, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
3. का० *महिपाल यादव*, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
4. का० *एजाज खान*, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
5. का० *सभाजीत मौर्य*, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़
*जनहित में साइबर सुरक्षा सलाह (.APK फाइलों से बचाव)*
• केवल आधिकारिक ऐप स्टोर (Google Play Store, Samsung Galaxy Store) से ही ऐप डाउनलोड करें।
• तृतीय-पक्ष वेबसाइटों अथवा अनाधिकृत लिंक से .APK फाइल डाउनलोड न करें।
• WhatsApp या सोशल मीडिया से प्राप्त ऐप लिंक पर क्लिक करने से बचें।
• ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी अनुमतियों की सावधानीपूर्वक जांच करें।
• संदिग्ध ऐप पाए जाने पर तुरंत अनइंस्टॉल करें।
• आवश्यकता पड़ने पर डिवाइस को सेफ मोड में रिबूट कर पूर्ण सिस्टम स्कैन कराएं।
• अंतिम विकल्प के रूप में बैकअप लेकर फैक्ट्री रीसेट करें।






