फर्जी वकालतनामा लगाकर कोर्ट को गुमराह करने का खेल, समाधान दिवस में शिकायत।
मार्टीनगंज (आजमगढ़) तहसील मार्टीनगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम नोनारी निवासी महमूद आलम ने एक शिकायती पत्र देते हुए विपक्षी पक्ष पर न्यायालय में फर्जी एवं त्रुटिपूर्ण वकालतनामा दाखिल करने का आरोप लगाया है। मामला क्या है। शिकायतकर्ता महमूद आलम पुत्र इम्तेयाज अहमद के अनुसार, वाद संख्या 6809/2025 (तस्लीम कौसर बनाम अलीमुद्दीन) जो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता -2006 की धारा 34 के तहत विचाराधीन है। उसमें विपक्षी पक्ष द्वारा नया वकालतनामा पेश किया गया है। आरोप है कि इस दस्तावेज पर तस्लीम कौसर के वास्तविक हस्ताक्षर के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। वकालतनामे में मिलीं बड़ी खामियां। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में दस्तावेजी सबूतों के साथ बताया कि प्रस्तुत वकालत नामा न केवल फर्जी है बल्कि कानूनी रूप से भी अधूरा है। इसमें निम्नलिखित त्रुटियां पाई गई हैं। वकालत नामे पर अधिवक्ता के हस्ताक्षर नहीं हैं। वकील का पंजीकरण क्रमांक (Registration No.) गायब है। दस्तावेज पर वाद संख्या और न्यायालय का नाम तक अंकित नहीं है। FSL जांच की मांग। महमूद आलम ने प्रशासन से मांग की है कि इस संदिग्ध वकालत नामे की गहनता से जांच की जाए और हस्ताक्षरों की सत्यता परखने के लिए इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जाए। उन्होंने इस फर्जी दस्तावेज को तत्काल निरस्त करने और इसमें संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं।






