ए के तिवारी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग में प्रशिक्षण 2026 के अंतर्गत “समर ट्रेनिंग: डूज़ एंड डोन्ट्स” विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समर ट्रेनिंग के दौरान आवश्यक व्यवहारिक कौशल, अनुशासन एवं सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा। यह कार्यशाला कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षण एवं प्रेरणा में संपन्न हुई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकानेर (राजस्थान) के प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. नवीन शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “समर ट्रेनिंग कॉरपोरेट सफलता की पहली सीढ़ी है।” उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन, संचार कौशल और प्रोफेशनल व्यवहार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि छोटी-छोटी गलतियों से बचकर विद्यार्थी अपने प्रशिक्षण अनुभव को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
डॉ. शर्मा ने कोलगेट और निरमा जैसी प्रमुख कंपनियों के केस स्टडी प्रस्तुत करते हुए समर इंटर्न्स के अनुभव साझा किए, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सीखने की प्रेरणा बढ़ी। उन्होंने कॉरपोरेट जगत में सफलता के लिए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में लागू करने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने की। उन्होंने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और समर ट्रेनिंग उनके करियर का अहम पड़ाव होती है।
कार्यक्रम का संचालन पूजा साहू एवं श्रेया श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजना मिश्र द्वारा प्रस्तुत किया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान अवंतिका यादव, अनु पांडेय, आस्था सिंह, श्रेया सिंह और मैज़बीन बानों सहित कई विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न रखे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तार से समाधान किया।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक अनुपम कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र सहित कुणाल मिश्रा, दिव्यांशु सिंह, निधि सिंह, उज्ज्वल सिंह, राज सैनी, जान्हवी राय, शिवम सिंह एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







