राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मा0 राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य द्वारा आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपदों से आई महिलाओं की किया जनसुनवाई
*भारत सरकार महिलाओं से संबंधित योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित करने के लिए है तत्पर- मा0 सदस्य*
*महिलाओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा दें तथा उन्हें शिक्षित कर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें- मा0 सदस्य*
*महिलाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारित कर अवगत कराया जाए- मा0 सदस्य*
*महिलाओं से संबंधित प्रकरण में माननीय कोर्ट द्वारा पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए- मा0 सदस्य*
*प्रदेश एवं देश को बाल विवाह मुक्त बनाए रखने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करायें- मा0 सदस्य*
*जेल में निरूद्ध बंदियों क़ो साक्षर एवं कौशल मे प्रशिक्षित किया जाए- मा0 सदस्य*
*मा0 सदस्य द्वारा दिए गए निर्देशों एवं महिलाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से शत प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा- जिलाधिकारी*
आजमगढ़ 02 जनवरी– आज कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मा0 राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी द्वारा आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपद आजमगढ़, मऊ एवं बलिया से आई हुई महिलाओं की जनसुनवाई की गई। समस्याओं को सुनकर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए।
श्रीमती ममता कुमारी ने कहा कि भारत सरकार महिलाओं से संबंधित योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा दें तथा उन्हें शिक्षित कर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनकी समाज में अधिक से अधिक भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग महिलाओं को किसी भी दशा में शाम को थाने पर ना बुलाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के अधिकारी किसी मामले में महिलाओं के घर जाते हैं तो अपने साथ महिला पुलिसकर्मी को लेकर वहां के प्रधान या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को अपने साथ ले जाएं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं से संबंधित बहुत से प्रकरण आयोग के सामने आते हैं, जिससे यह साबित हो रहा है कि यहां की महिलाएं शिक्षित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आयोग के पास न जाना पड़े तथा उन्हें इधर-उधर न भटकना पड़े, इसलिए उनको वहीं पर न्याय दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित केसों की लगातार सुनवाई करें तथा उसको प्रॉपर तरीके से क्या मिलना चाहिए तथा क्या नहीं मिलना चाहिए उसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मानसिक परामर्श दिया जाए, उसके घर परामर्शदात्री को भेज कर प्रशिक्षण दें। आयोग महिलाओं को परेशान नहीं देख सकता है। उन्होंने कहा कि एक-एक केस की जिम्मेदारी लेकर उसका निस्तारण किया जाए, उन्हें किसी भी दशा में दिल्ली न जाना पड़े।
श्रीमती ममता कुमारी ने मंडल के तीनों जिले आजमगढ़, मऊ एवं बलिया के अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित जो भी प्रकरण लंबित हैं, उसको एक सप्ताह के अंदर निस्तारित कर अवगत कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई पोर्टल को भी लगातार देखते रहें तथा महिलाओं से संबंधित आने वाले प्रकरण को गंभीरता से लेकर उसका निस्तारण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित जो भी माननीय कोर्ट का आदेश आता है, उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्हें कोर्ट के माध्यम से जो मुआवजा एवं जो सुविधाएं दी गई हैं, उसक़ो प्राथमिकता से लेकर उपलब्ध करवाएं।
श्रीमती ममता कुमारी ने कहा कि प्रदेश एवं देश को बाल विवाह मुक्त बनाए रखने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नाबालिक लड़कियों की शादी तय होने के बाद भी उसको रोका जाए। उन्होंने कहा कि पीपीटी बनाकर लड़कियों को दिखाया जाए कि 18 साल से कम उम्र में शादी एवं बच्चे पैदा करने से क्या-क्या परेशानी एवं बीमारियां होती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया जाए कि 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
माननीय सदस्य ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों से ड्रॉप आउट होने वाले बच्चों को स्कूल लाएं तथा उन्हें शिक्षित करें।
बैठक से पूर्व महिला आयोग की माननीय सदस्य द्वारा जिला कारागार आजमगढ़ का भ्रमण भी किया गया। उन्होंने कहा कि महिला बंदियों को साक्षर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि कक्षा 8 से 10 तक पढ़ी हुई महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट के लिए ट्रेनिंग दें, ताकि वह छुटने के बाद अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा महिलाओं का उत्पीड़न ना किया जाए, इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित प्रकरण का सुलहनामा करके निस्तारित करायें, ताकि वह सुरक्षित एवं संवेदनशीलता से जीवन यापन कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेल में बंदियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए तथा वहां पर डिस्पोजल मशीन भी लगाया जाए। उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को एक सप्ताह के अंदर शीर्ष प्राथमिकता के साथ दिए गए निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक से पूर्व महिला आयोग की सदस्य द्वारा दीप प्रज्वलित एवं बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
बैठक में सुदामा थाना अहिरौला का जमीन से संबंधित प्रकरण को निस्तारित करने के लिए तहसील एवं थाने को मौके पर जाकर निस्तारित करने के निर्देश दिए। नेहा भारती थाना देवगांव, वर्षा चौबे थाना अहिरौला, महिमा सोनकर,सुशील राय थाना बरधा, संगीता थाना अतरौलिया, रेणुका, अदालत प्रसाद, दिशा यादव थाना तरवां, कुसुम थाना बरदह, यशवंत यादव, छोटेलाल विश्वकर्मा थाना अहिरौला, आरती बनवासी, संतोष कुमार मऊ, पिंकी सिंह थाना मेहनाजपुर, शगुफ्ता थाना निजामाबाद आदि के प्रकरणों को सुनकर पुलिस विभाग एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने माननीय राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य को आश्वासन दिया कि जनसुनवाई में दिए गए निर्देशों एवं महिलाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्रकरण का शत प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक से पूर्व जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा माननीय सदस्य का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत हस्ताक्षर अभियान के तहत मा0 राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षर किया गया।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार, एसीएमओ, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






