

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस के नवागत डीजीपी राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। स्थायी डीजीपी के रूप में तैनाती के बाद हुई यह मुलाकात प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण मूल रूप से नोएडा के रहने वाले हैं। 26 जून 1969 को जन्मे राजीव कृष्ण का प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव तीन दशक से अधिक का है। उनकी पत्नी भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा स्थित CBDT में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।

राजीव कृष्ण ने अपने करियर की शुरुआत इलाहाबाद में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी के रूप में की थी। इसके बाद बरेली, कानपुर और अलीगढ़ में एएसपी के रूप में सेवाएं दीं। 10 मार्च 1997 को उन्हें पहली बार किसी जिले की कमान मिली और वह फिरोजाबाद के एसपी बनाए गए। इसके बाद इटावा, फतेहगढ़, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ और बरेली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसएसपी के रूप में अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया।
1 जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्ण अब प्रदेश पुलिस के स्थायी मुखिया के रूप में नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात के बाद पुलिस महकमे में नई रणनीति, सख्त कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रदेश की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स की कमान अब ऐसे अधिकारी के हाथों में है, जिन्हें फील्ड पुलिसिंग, प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए जाना जाता है।





