न्याय व्यवस्था में सरलीकरण हेतू एक और कदम….
फूलपुर, आजमगढ़। ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के तहत स्थापित ग्रामीण ग्राम न्यायालय में न्यायालय संबंधित ऑनलाइन कागजातों के संरक्षण एवं वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशन में, ग्राम न्यायालय का प्रशासनिक ढांचा संबंधित जिला आजमगढ़ न्यायाधीश महोदय के देखरेख में

फूलपुर ग्राम न्यायालय पिछले वर्ष से विधिवत कार्य कर रहा है, जिसके उद्देश्य पूर्ति में ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित और सस्ता न्याय प्रदान कर रहा है, वादकारियों, अधिवक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटलीकरण की तरफ कदम बढ़ाते हुए फूलपुर तहसील परिसर (ग्राम न्यायालय परिसर ) में एक पोर्टेबल ई सेवा केंद्र केबिन लगने के लिए आ चुका है, हालांकि यह पोर्टेबल केबिन रविवार समाचार लिखें जाने तक अभी ट्रक ट्रेलर पर ही मौजूद है! लेकिन इसके स्थापित होने व चालू होने के साथ न्याय व्यवस्था में सरलीकरण का मार्ग खुल जाएगा, मालूम हो कि ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के तहत केंद्र और राज्य सरकारों से ग्रामीण न्यायालयों के डिजिटलीकरण के लिए विशेष बजट आवंटित करने का सुझाव प्रस्तावित था व 12वीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य (2500 ग्राम न्यायालयों की स्थापना) को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाएं जाने का भी लक्ष्य है।जिसमें ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के तहत डिजिटल सेवाओं को शामिल करने के लिए नियमों का संशोधन कर, ई-फाइलिंग नियम, 2021 को ग्रामीण न्यायालयों के लिए अनुकूलित किया गया है, जिसके लिए प्रयास जमीनी स्तर पर देखने शुरू हो गए हैं।



