वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजीसी बिल के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्रों नें विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए कक्षाओं को बंद करा दिया और चल रही परीक्षाओं का बहिष्कार किया। छात्रों के प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यूजीसी बिल छात्रों और शिक्षकों के हितों के खिलाफ है। इस बिल से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी और शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। छात्रों नें साफ शब्दों में कहा कि जब तक यूजीसी बिल को वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार की परीक्षा और कक्षा में शामिल नहीं होंगे।
सुबह से ही छात्र विभिन्न विभागों में पहुंचे और कक्षाओं को बंद कराते हुए अन्य छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इसके बाद छात्र एकजुट होकर परिसर में नारेबाजी करते नजर आए। “यूजीसी बिल वापस लो”, “छात्र विरोधी बिल नहीं चलेगा” जैसे नारों से विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा।
परीक्षाओं के बहिष्कार को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन नें स्थिति को संभालने के लिए संबंधित परीक्षाएं स्थगित कर दीं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार हालात सामान्य होने तक परीक्षाओं को टालने का निर्णय लिया गया है। छात्रों का कहना रहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार यूजीसी बिल को वापस नहीं लेती। छात्रों नें चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।





