प्राइवेट हॉस्पिटल के पास झाड़ियों में मिला नवजात का शव, इलाके में हड़कंप
हॉस्पिटल से 200 मीटर दूर शव मिलने से अवैध गतिविधियों पर गहराए सवाल
मानकविहीन अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर बने भ्रूण हत्या का कारण?
थरियांव थाना क्षेत्र में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की जांच तेज
जनपद में अवैध चिकित्सा तंत्र पर सख्त कार्रवाई की मांग
फतेहपुर जनपद में झाड़ियों में मिले नवजात के शव ने एक बार फिर स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर किया है। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि उस कथित मिलीभगत की ओर इशारा करती है, जिसके तहत फर्जी अस्पताल, अमानक पैथोलॉजी और अवैध एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सेंटर वर्षों से बेखौफ संचालित हो रहे हैं। इन्हीं व्यवस्थागत चूकों और निगरानी की कमी के बीच भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जो कानून, नैतिकता और प्रशासन—तीनों के लिए चुनौती बन गई हैं।
स्थानीय लोगों के आरोप हैं कि बिना पंजीकरण और मानकों के चल रहे निजी चिकित्सा केंद्रों पर लंबे समय से शिकायतें होती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अवैध गतिविधियां थम नहीं सकीं। नवजात का शव मिलने की ताज़ा घटना ने इन आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
नेशनल हाईवे के किनारे, एक प्राइवेट हॉस्पिटल के साए में इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर… झाड़ियों में पड़ा एक नवजात का शव और साथ में खड़े कई खौफनाक सवाल। क्या इलाज के नाम पर चल रहा है मौत का धंधा? क्या मानकविहीन अस्पताल और अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर बन चुके हैं भ्रूण हत्या का अड्डा? थरियांव में मिले इस नवजात के शव ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आज तक पूछता है—जिम्मेदार कौन, और कब होगी सख्त कार्रवाई?
जनपद के क्षेत्र में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब नेशनल हाईवे‑2 के समीप एक प्राइवेट हॉस्पिटल से महज 200 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में एक नवजात शिशु का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर नवजात का शव मिला है, उसके पास ही एक कथित रूप से अवैध ढंग से संचालित प्राइवेट हॉस्पिटल चल रहा है। आरोप है कि इस अस्पताल में बिना किसी मान्य डिग्री के झोलाछाप लोग इलाज कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यहां लंबे समय से अवैध गर्भपात का धंधा फल-फूल रहा है, जिसकी ओर जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के क्षेत्र की गहन जांच कर रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी पूरे मामले की सूचना देकर अस्पताल की मानक जांच की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई
प्रशासन और समाज से अपील करता है कि नवजातों और मातृत्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मानकविहीन अस्पतालों, अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों और भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
थरियांव में प्राइवेट हॉस्पिटल के पास झाड़ियों में मिला नवजात का शव—
मानकविहीन चिकित्सा तंत्र पर गंभीर सवाल, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे।
फतेहपुर में सामने आ रही घटनाएं बताती हैं कि समस्या किसी एक अस्पताल या इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक तंत्रगत विफलता का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर प्रभावी रोक तभी संभव है,जब अवैध चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमित निरीक्षण, पारदर्शी कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने अब सवाल सिर्फ जांच का नहीं,बल्कि भरोसा बहाल करने का भी है।जब तक निगरानी मजबूत नहीं होगी और दोषियों पर समयबद्ध,कठोर कार्रवाई नहीं होगी,तब तक ऐसी घटनाएं समाज की अंतरात्मा को झकझोरती रहेंगी।
शिवम गुप्ता
आज़मगढ़ न्यूज संवाददाता






