विषय : “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख”
ए के तिवारी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार (रज्जू भैया संस्थान) में “विकसित भारत युवा संसद 2026” के तहत जनपद स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ। विषय था— “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख”। 150 से अधिक युवाओं की ऊर्जावान भागीदारी ने सभागार को विचारों की गूंज से भर दिया।

मुख्य अतिथि बृजेश सिंह प्रिंसू (सदस्य विधान परिषद, जौनपुर) ने उद्घाटन करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि हमारी स्वतंत्र चेतना और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उनके शब्दों में, “विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब युवा जागरूक, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।”कुलपति प्रो. वंदना सिंह का संदेश प्रतिनिधि के रूप में प्रो. मनोज मिश्र ने प्रस्तुत किया। संदेश में कहा गया कि युवा संसद केवल वाद-विवाद नहीं, बल्कि नेतृत्व, तर्कशीलता और लोकतांत्रिक समझ को निखारने का सशक्त मंच है, जो युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में अग्रणी भूमिका के लिए तैयार करता है।
विशिष्ट अतिथियों में नितीश पाण्डेय (प्रदेश कार्य समिति सदस्य, भाजपा युवा मोर्चा) और डॉ. पंकज कुमार (जिला सूचना अधिकारी, भदोही) शामिल रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच संचालन और अतिथि स्वागत नोडल अधिकारी डॉ. शशिकांत यादव ने संभाला, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उद्देश्य सिंह ने किया। इस अवसर पर माई भारत जौनपुर के युवा अधिकारी राम गोपाल सिंह चौहान सहित अनेक शिक्षाविद, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में तर्कपूर्ण संवाद, असहमति के सम्मान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश स्पष्ट रूप से उभरा। युवा शक्ति की यह हुंकार बताती है कि, लोकतंत्र का भविष्य सुरक्षित है, क्योंकि देश का युवा जाग रहा है।






