आजमगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: जाली नोट छापने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार; 1.19 लाख की नकली करेंसी व उपकरण बरामद

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आजमगढ़। जिले में जाली नोटों के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए रौनापार थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते नकली करेंसी तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से करीब 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप-प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय था और बड़ी चालाकी से जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजार में चला देता था, जिससे आम लोगों को आसानी से शक भी नहीं होता था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि क्षेत्राधिकारी सगड़ी के नेतृत्व में रौनापार थाना प्रभारी मंतोष सिंह की टीम क्षेत्र में नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेन-देन करने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाते हुए तीन टीमें गठित कीं और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। अचानक हुई कार्रवाई से घबराए आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
मौके से छह आरोपी गिरफ्तार
कार की तलाशी लेने पर पुलिस ने मौके से
नितिन सिंह उर्फ भोला
ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि
अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा
आदित्य सिंह उर्फ चंकी
शिवम सिंह उर्फ विदुर
मुन्ना पांडेय
को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से बड़ी मात्रा में जाली नोट और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली।

निशानदेही पर दो और गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम जगदीशपुर में छापेमारी कर मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को भी पकड़ लिया।इन दोनों के पास से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सामग्री बरामद हुई, जिससे यह साफ हो गया कि गिरोह जाली मुद्रा तैयार कर बाजार में खपाने का संगठित नेटवर्क चला रहा था।
ऐसे बाजार में चलाते थे नकली नोट
जांच में सामने आया कि आरोपी असली नोटों की गड्डियों के बीच जाली नोट रखकर दुकानदारों और लेन-देन के दौरान उन्हें चला देते थे। इस तरीके से सामान्य लोग नकली और असली नोट में अंतर नहीं कर पाते थे और आसानी से ठगी का शिकार हो जाते थे।
ये सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है, जिसमें शामिल हैं—
एक सफेद कार
करीब 1.19 लाख रुपये की जाली करेंसी
ए-4 साइज पेपर पर छपे नकली नोट
प्रिंटर और लैपटॉप
की-बोर्ड व माउस
पेपर कटर
इंक की बोतलें
डिस्क ड्राइव और डीवीडी ड्राइव
सात मोबाइल फोन
गिरोह के सरगना की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी साजिश

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते इस गिरोह को नहीं पकड़ा जाता तो जाली नोट बड़ी मात्रा में बाजार में पहुंच सकते थे, जिससे आम जनता और व्यापारियों को भारी नुकसान होता।
आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नकली करेंसी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Amit Tiwari
Author: Amit Tiwari

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