रोवर मशीन से हुई पैमाइश, कब्जे वाले हिस्से पर लगाए गए निशान; एनएच-128ए पर जलभराव से बढ़ रही थी दुर्घटना और बीमारी की आशंका
बरदह, आजमगढ़। बरदह बाजार में जलनिकासी व्यवस्था को बाधित करने वाले कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एसडीएम मार्टिनगंज बलराम गुप्ता के निर्देश पर सोमवार को तीन सदस्यीय टीम ने रोवर मशीन के जरिए जलनिकासी बाहा की तकनीकी पैमाइश कराई। जांच के दौरान जलनिकासी के लिए दर्ज भूमि की सीमा में दो मकानों को चिह्नित किया गया है। पैमाइश के बाद संबंधित स्थानों पर निशान लगाए गए हैं और अब नियमानुसार कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की तैयारी है।
मामला गाटा संख्या 51 में जलनिकासी के लिए दर्ज भूमि से जुड़ा है। ग्रामीणों ने 12 सितंबर को तहसील में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बाहा की जमीन पर कब्जे के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि बरसात के दौरान पानी खेतों, मकानों और रास्तों पर जमा होने से बड़ी आबादी को परेशानी झेलनी पड़ती है।
थोड़ी बारिश में एनएच-128ए पर एक फीट तक पानी
जलनिकासी बाधित होने का असर केवल गांव तक सीमित नहीं था। बरदह बाजार में सड़क किनारे थोड़ी सी बारिश होने पर भी एनएच-128ए पर करीब एक फीट तक पानी जमा हो जाता था। लंबे समय तक पानी सड़क पर बने रहने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए फिसलने व दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता था। वहीं जमा पानी के कारण गंदगी और बीमारी फैलने की आशंका भी बनी रहती थी।
इस जलभराव का सीधा असर बाजार के कारोबार पर भी पड़ रहा था। आधा दर्जन से अधिक दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित होने की बात सामने आई है। दुकानों के सामने पानी जमा होने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती थी, जिससे व्यापार प्रभावित होता था।
पैमाइश में दो मकान आए जलनिकासी भूमि की सीमा में
प्रशासन की टीम ने बरदह बाजार से गांव की ओर जाने वाले जलनिकासी मार्ग की तकनीकी पैमाइश की। जांच के दौरान रामनवल यादव तथा विनोद राय पुत्र स्वर्गीय गिरिजा राय, निवासी चौकी के मकान जलनिकासी भूमि की सीमा में चिह्नित किए गए। शिकायत में इन स्थानों पर करीब 30 वर्षों से कब्जे का भी उल्लेख किया गया था।
रोवर मशीन से पैमाइश के बाद संबंधित हिस्सों को पत्थर लगाकर चिह्नित कर दिया गया है। इससे अब राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
रिपोर्ट के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
प्रशासनिक टीम अब पैमाइश की रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंपेगी। इसके बाद राजस्व नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम मार्टिनगंज बलराम गुप्ता ने बताया कि सोमवार को तीन सदस्यीय टीम से रोवर मशीन द्वारा पैमाइश कराई गई है। जलनिकासी भूमि में दो मकान चिह्नित हुए हैं। रिपोर्ट बीडीओ को भेजी जाएगी तथा नियमानुसार धारा 67 की कार्रवाई के लिए भी संस्तुति की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य जलनिकासी मार्ग को नियमानुसार कब्जामुक्त कराकर बरसात के पानी की निकासी व्यवस्था बहाल करना है, ताकि बाजार और आसपास के ग्रामीणों को जलभराव से राहत मिल सके।




