ए के तिवारी
जौनपुर। जौनपुर स्थित न्यायालय परिसर और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की ई-मेल धमकी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह किसी आतंकी संगठन की साजिश नहीं, बल्कि एकतरफा प्रेम और बदले की भावना से रची गई डिजिटल साजिश थी।
इस प्रकरण में Uttar Pradesh Anti Terrorism Squad (यूपी एटीएस) ने आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के बक्शपुर निवासी विशाल रंजन को गिरफ्तार किया है।
पांच अलग-अलग ई-मेल से भेजी गई धमकी
17 फरवरी 2026 को जिला जज की सरकारी ई-मेल पर पांच अलग-अलग आईडी से धमकी संदेश भेजे गए थे। संदेशों में एक लाख रुपये की मांग भी की गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पेड वीपीएन और प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। कथित रूप से उसने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर संदेश भेजे।
डिजिटल जांच में खुली परतें
मामले की प्राथमिकी थाना लाइन बाजार में दर्ज की गई थी। तकनीकी जांच के दौरान ई-मेल लॉग, मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
एटीएस टीम ने आजमगढ़ के सिधारी क्षेत्र स्थित आरोपी के किराए के कमरे पर छापा मारा। तलाशी में कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और डिजिटल स्टोरेज उपकरण बरामद हुए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के उपकरणों से बड़ी संख्या में फर्जी ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट संचालित होने के संकेत मिले हैं।
प्रेम प्रसंग बना साजिश की वजह
पूछताछ में सामने आया कि युवक एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। युवती का विवाह जौनपुर के एक अन्य युवक से तय होने पर वह आक्रोशित हो गया।
बताया गया कि पहले उसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर मंगेतर को बदनाम करने की कोशिश की। पंचायत में मामला शांत होने के बाद भी वह बदले की भावना से ग्रसित रहा।
आरोप है कि उसने गांव के कुछ लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हीं के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाई, ताकि पुलिस कार्रवाई का शक उन पर जाए।
समय रहते हुई गिरफ्तारी
जांच अधिकारियों के मुताबिक, यदि समय रहते गिरफ्तारी नहीं होती तो आरोपी अन्य सरकारी संस्थानों को भी धमकी भेजने की तैयारी में था।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।





