भतौरा में स्वास्थ्य सेवा ठप आयुष्मान तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटके ताले, ग्रामीणों में रोष

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भतौरा में स्वास्थ्य सेवाएंठप आयुष्मान तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटके ताले, ग्रामीणों में रोष

संवाददाता महेशा नंद श्रीवास्तव

सेवराई (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के बारा न्याय पंचायत अंतर्गत भतौरा-दलपतपुर गांव में सरकारी स्वास्थ्य एवं बाल कल्याण सेवाओं की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। यहां स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र अक्सर बंद रहते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन केंद्रों पर न तो नियमित रूप से डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और न ही आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। परिणामस्वरूप इलाज, टीकाकरण, पोषण आहार और आयुष्मान योजना से जुड़ी सुविधाएं कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जब भी वे स्वास्थ्य सेवाओं या बच्चों के पोषण से संबंधित सुविधाओं के लिए केंद्र पर पहुंचते हैं, तो ताले लटके मिलते हैं और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। गांव के डीके गुप्ता, नसीम, रामप्रताप सिंह यादव और
दलपतपुर क्षेत्र अदोग-जष्ट-सी
सहित अन्य ग्रामीणों ने स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभागीय अभिलेखों में सब कुछ सुचारु दर्शाया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को जांच एवं परामर्श के लिए कई किलोमीटर दूर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना
पड़ता है। वहीं बच्चों का टीकाकरण और पेषण आहार भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। आयुष्मान आरोग्य केंद्र बंद रहने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही केंद्रों को नियमित रूप से संचालित कराने की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। यह स्थिति न केवल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता उजागर करती है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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