जौनपुर में कोर्ट जा रहे अधिवक्ता पर खूनी वार, वकीलों में उबाल — “अगर वकील सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी किस भरोसे जिए?

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ए के तिवारी 
जौनपुर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब दीवानी न्यायालय जा रहे एक अधिवक्ता पर बीच सड़क जानलेवा हमला कर दिया गया। बदमाशों ने पहले बाइक रुकवाई, फिर खुलेआम धमकी दी और लोहे जैसी भारी वस्तु से सिर पर वार कर अधिवक्ता को लहूलुहान कर दिया। हमले के बाद इलाके में दहशत और अधिवक्ताओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला।

मिली जानकारी के अनुसार, लाइन बाजार क्षेत्र निवासी अधिवक्ता अंबे प्रसाद पांडेय सुबह न्यायालय के लिए निकले थे। तभी रास्ते में कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पीछे से सिर पर हमला कर दिया। वार इतना खतरनाक था कि अधिवक्ता सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद साथी अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों ने घायल वकील को संभाला और पुलिस तक पहुंचाया। उधर खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंच गए। बार पदाधिकारियों ने इस हमले को सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरी न्याय व्यवस्था पर हमला बताया।
“वकीलों पर हमला मतलब न्याय की आवाज दबाने की कोशिश”
शहर के अधिवक्ताओं में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर न्यायालय जाने वाला अधिवक्ता भी सड़क पर सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।

अधिवक्ता अम्बे पाण्डेय के सर में चोट का निशान

पत्रकार और वकील ही जनता की आंख, कान और जुबान

आज के दौर में पत्रकार और वकील ही आम जनता की सबसे बड़ी ताकत हैं।
पत्रकार सच दिखाता है…
वकील इंसाफ दिलाता है…
अगर इन्हीं पर हमला होने लगे, तो समझ लीजिए कि समाज की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। लोकतंत्र तब कमजोर होता है जब कलम और कानून दोनों को डराने का प्रयास किया जाए। ऐसे हमले सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की अभिव्यक्ति और न्यायिक अधिकारों पर चोट हैं।
अधिवक्ताओं में चेतावनी भरा आक्रोश
घटना के बाद वकीलों ने साफ कहा कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अधिवक्ताओं का गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म होता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में जुटी है। लेकिन शहर में चर्चा यही है ।“आखिर कानून के रखवालों पर हमला करने वालों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए?”

Amit Tiwari
Author: Amit Tiwari

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