

छतरपुर बिजावर में पत्रकार पर जानलेवा हमला लोकतंत्र पर गंभीर प्रहार।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बिजावर क्षेत्र में पत्रकार राकेश सिंह पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात मानी जा रही है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के सामने सच्चाई लाना और जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करना होता है। ऐसे में पत्रकारों पर इस तरह की हिंसक घटनाएं न केवल उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। इस घटना को लेकर आमजन, बुद्धिजीवियों और पत्रकार संगठनों ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज में सच्चाई सामने लाने का कार्य प्रभावित होगा। लोगों ने मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी अपेक्षा जताई जा रही है कि वे इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं।विशेषज्ञों का मानना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र की आधारशिला है, और इसकी रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है।





