मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026

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मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026

आजमगढ़ 14 मार्च 2026/

राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026” लागू की गई है। जिसके अंतर्गत राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत को सुगम एवं सस्ती परिवहन सेवा से जोड़ने हेतु प्रतिबद्ध है। वर्तमान में परिवहन निगम की तहसील मुख्यालय, नगर पालिका परिषद और नगर निगम स्तर पर परिवहन की सेवा उपलब्ध है, जबकि ब्लॉक और नगर पंचायतों को जोड़ने हेतु भी परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। परन्तु ग्रामीण क्षेत्रों को विकास खण्डों, तहसीलों एवं जनपद मुख्यालयों से सीधे परिवहन सुविधा से शत-प्रतिशत जोडने की आवश्यकता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत तक परिवहन निगम के माध्यम से सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निजी निवेश को बढ़ावा दिया जायेगा। प्रदेश के दूरस्थ एवं असंबद्ध ग्राम पंचायतों को मुख्य धारा से जोड़ने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक परिवहन सुविधा पहुँचाना इस योजना का मुख्य आधार है।

योजना का उद्देश्य प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों (59,163) को परिवहन सेवा से जोड़ना तथा ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधी और सुरक्षित पहुँच प्रदान करना तथा निजी क्षेत्र के बस संचालकों के माध्यम से उन ग्रामीण मार्गों पर सेवा प्रदान करना है, जहाँ परिवहन निगम की कम बसें संचालित हैं।

*प्रस्तावित मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के मुख्य बिंदु*
वाहन क्षमता एवं प्रकारः इस योजना के अन्तर्गत 15-28 सीट क्षमता (लंबाई 07 मीटर) वाली डीजल, सीएनजी/इलेक्ट्रिक वाहन संचालित की जाएंगी। वाहन की आयुः इस योजना के अन्तर्गत पंजीयन तिथि से अधिकतम 08 वर्ष तक की आयु के वाहन संयोजित हो सकेंगे। वाहन की मेक, मॉडल एवं पंजीयन तिथि में 01 वर्ष से अधिक का अन्तर नहीं होगा। वाहन का संयोजन अधिकतम 10 वर्ष हेतु किया जायेगा, जिसमें वाहन स्वामी को संयोजन अवधि के दौरान संयोजन की अवशेष अवधि हेतु वाहन प्रतिस्थापित नई/सामान्य स्थिति के वाहन से करना अनुमन्य होगा।
अनुबंध अवधिः संयोजन की प्रथम अवधि 10 वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त आगामी 05 वर्ष हेतु विस्तारित की जा सकेगी। वाहनों की अधिकतम आयु पंजीयन तिथि से डीजल वाहन हेतु 10 वर्ष एवं सीएनजी/इलेक्ट्रिक वाहनों हेतु 15 वर्ष होंगे। एनसीआर क्षेत्र में सी.एन.जी./इलेक्ट्रिक वाहनों का ही संचालन अनुमन्य होगा एवं सी०ए०क्यू०एम० द्वारा निर्धारित नाम्स का पालन करना होगा। शुल्क संरचनाः इस योजना के अन्तर्गत परिवहन निगम के संरक्षण एवं नियंत्रण में संचालन हेतु आवेदन शुल्क रू0 2000/-प्रति आवेदन देय होगा।
प्रतिभूति धनराशिः मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत संचालित वाहनों की प्रतिभूति धनराशि प्रति वाहन रु० 5000/- होगी, जो संयोजन अवधि समाप्त होने पर वाहन स्वामी को वापस प्राप्त होगी। प्रशासनिक कारणों से संयोजन अवधि के दौरान संयोजन/अनुबन्ध समाप्त किये जाने की स्थिति में उक्त प्रतिभूति धनराशि परिवहन निगम द्वारा जब्त कर ली जायेगी।
संरक्षण शुल्कः उक्त योजना के अन्तर्गत परिवहन निगम के संरक्षण एवं नियंत्रण में संचालन हेतु प्रति वाहन मासिक संरक्षण शुल्क रु० 1500/- प्रतिमाह वाहन स्वामी द्वारा परिवहन निगम को देय होगा।

*योजना से संचालन संबंधी प्राविधान-*
इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक आवेदक को, जिस ब्लॉक हेतु उसने आवेदन किया है, के समस्त ग्राम पंचायत/रूट पर अपने विवेकानुसार वाहन संचालन करने तथा फेरों की संख्या, रूट का निर्धारण करने का अधिकार होगा। ब्लॉक के प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार वाहन की सेवा प्रदान करेगा। ग्राम पंचायत से ब्लॉक तक के शार्टस्ट रुट उक्त वाहन का मार्ग होगा। ग्राम पंचायत से ब्लाक तक जाने में मार्ग पर उक्त ब्लॉक में पड़ने वाले समस्त ग्राम पंचायत उक्त सेवा से आच्छादित होगी। सेवा ग्राम पंचायत से ब्लॉक-तहसील-जिला मुख्यालय तक जा सकती है। प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जायेगा।
वाहन पर चालक/परिचालक वाहन स्वामी के होंगे। टिकट की धनराशि वसूलने का अधिकार वाहन स्वामी द्वारा नियुक्त चालक/परिचालक का होगा।. ब्लॉक/मार्ग परिवर्तन सामान्यतः अनुमन्य नहीं होगा तथापि ब्लॉक/मार्ग परिवर्तन सम्बन्धित जिलाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति से हो सकेगा। वाहन की फिटनेस, टैक्स अदा करने, बीमा, चालक एवं परिचालक का लाइसेन्स की वैधता की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी।. दुर्घटना की स्थिति में समस्त दायित्व/उत्तरदायित्व वाहन स्वामी का होगा।. किसी प्रकार कि लापरवाही, चालक की त्रुटि, वाहन का चालान या दुर्घटना की स्थिति वाहन के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत होने की स्थिति में समस्त उत्तरदायित्व वाहन स्वामी का होगा और ऐसी स्थिति में कोई जुर्माना, प्रतिकर, पैनाल्टी इत्यादि की सम्पूर्ण देयता वाहन स्वामी की होगी। समस्त प्रतिपूर्ति वहन करने का दायित्व वाहन स्वामी का होगा। किसी भी प्राधिकारी/अधिकरण/प्राधिकरण/मा० न्यायालय का आदेश/निर्देश के अनुपालन का सम्पूर्ण दायित्व वाहन स्वामी का होगा। टिकट की धनराशि का निर्धारण स्थानीय माँग के अनुसार वाहन स्वामी के द्वारा स्वयं निर्धारित किया जायेगा, लेकिन टिकट की अधिकतम धनराशि राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दर से अधिक नहीं होगी।

योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण की स्थिति आवेदन मुख्यालय द्वारा नाम निर्दिष्ट सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक द्वारा प्राप्त किये जायेंगे। योजना के क्रियान्वयन हेतु आवेदन की स्क्रीनिंग हेतु 15 दिवस, आवेदक के सफल चयन के बाद वाहन उपलब्ध कराने हेतु 15 दिवस तथा निर्धारित प्रक्रिया को 45 दिवस में पूर्ण कर लिया जाएगा। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं सफल आवेदन का चयन जिलाधिकारी आजमगढ़ की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जायेगा, समिति के सदस्य जनपद के मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, सदस्य सचिव रहेगें।

उक्त योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण का दायित्व सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धकों का होगा तथा नियमित रूप से (न्यूनतम मासिक) मण्डलायुक्त को अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे। उक्त मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026 परिवहन निगम की विशेष अनुबन्ध योजना के रूप में लागू होगी तथा निगम की पूर्व एवं वर्तमान अनुबन्ध योजनाओं से इस सीमा तक स्वतः संशोधित मानी जायेगी।

परमिट से मुक्त किये जाने की व्यवस्था
मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-66(3) (n) के अंतर्गत दी गयी व्यवस्थानुसार ग्राम एवं ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिये संचालित होने वाले वाहनों को उक्त अधिनियम की धारा-66 (1) के तहत राज्य सरकार द्वारा परमिट की अनिवार्यता से छूट (मुक्त) प्रदान की गयी है।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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