एक हादसे ने उजाड़ दिया पूरा घर आखिर जिम्मेदार कौन?

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एक हादसे ने उजाड़ दिया पूरा घर. आखिर जिम्मेदार कौन?

मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के समय हुए दर्दनाक हादसे में दांडी निवासी बलदेव यादव उर्फ झेगरी यादव की जान चली गई। वह पिछले करीब तीन वर्षों से सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।

बलदेव यादव के परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर थी। उनकी पत्नी विमली देवी लंबे समय से बीमार हैं और इलाज के लिए भी पैसों की कमी बनी हुई थी। बेटा गोविंद यादव रोज़गार के सिलसिले में अपने परिवार के साथ बाहर रहता है, जबकि बेटी राधिका की शादी हो चुकी है।

ऐसे में बलदेव यादव अपनी बीमार पत्नी के साथ अकेले रहकर मजदूरी करते थे। उसी मेहनत की कमाई से घर का चूल्हा जलता था और पत्नी का इलाज चलता था।

लेकिन शुक्रवार की रात सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान मंदिर का भारी गुंबद गिर पड़ा। हादसे में बलदेव यादव की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इतने बड़े ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी? यदि मौके पर बैरिकेडिंग, सुरक्षित दूरी और अन्य जरूरी इंतजाम नहीं थे, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

अब इस परिवार के सामने रोज़ी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। एक मेहनतकश मजदूर की मौत ने सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा छीन लिया है।

हम मांग करते हैं कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, आश्रित को नौकरी तथा बीमार पत्नी के इलाज की समुचित व्यवस्था सरकार द्वारा की जाए।

ईश्वर दिवंगत बलदेव यादव की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।

संवाददाता : हयात हुसैन अंसारी

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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