गोरखपुर(सूत्र) : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार एक पुलिसकर्मी को जब मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो वहां मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित कर्मचारियों ने आरोपी को घेर लिया और उसके साथ मारपीट कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाकर बाहर निकाला।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी सिपाही पर आरोप है कि उसने अस्पताल परिसर से बच्ची को बहाने से अपने साथ ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार सुबह उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ गंभीर अपराध भी किया गया हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची थी बच्ची
जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ का रहने वाला एक परिवार गोरखपुर में किराए पर रहता है। परिवार का पालन-पोषण पिता ई-रिक्शा चलाकर करते हैं। उनकी एक बेटी अस्पताल में भर्ती थी, जबकि मां गर्भवती हैं।
बताया जा रहा है कि 28 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बीमार बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची थी। रात करीब 10 बजे वह घर लौटने के लिए निकली, लेकिन देर रात तक वापस नहीं पहुंची। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और कोई सुराग न मिलने पर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।
बहन ने बताया था सिपाही पर शक
बच्ची की बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि अस्पताल में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी दोनों बहनों के पास आया था। उसने उनका पता पूछा और देर रात होने का हवाला देकर बच्ची को घर छोड़ने की बात कही। बड़ी बहन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन बाद में जब छोटी बहन अस्पताल से निकली तो आरोपी उसके पीछे-पीछे चला गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





