‘पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश’, भाजपा पर नफ़रत की राजनीति का आरोप; केशव मौर्य के बयान से यूपी की राजनीति गरमाई

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसा शिक्षा को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। केशव मौर्य के बयान के बाद समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आज़म ने उपमुख्यमंत्री के बयान को पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाला बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है।
क्या कहा था केशव प्रसाद मौर्य ने?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसा शिक्षा को लेकर कहा कि मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और ऐसी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जो देशहित, आधुनिकता और मुख्यधारा से जुड़ी हो। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आज़म का पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आज़म ने कहा कि मदरसा शिक्षा को आतंकवाद से जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समाज को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ सांप्रदायिक बयान नहीं है, बल्कि भाजपा नेताओं की नफ़रती सोच और विकृत मानसिकता का परिचायक है। किसी धार्मिक शिक्षण संस्था को आतंकवाद से जोड़ना पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश है।”
मोहम्मद आज़म ने आगे कहा कि भाजपा जनता का ध्यान महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से हटाने के लिए बार-बार धार्मिक विवाद खड़े करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जनता ने 2022 में ही केशव प्रसाद मौर्य को चुनाव में नकार दिया था, लेकिन उनकी बयानबाज़ी नहीं बदली।”
भाजपा पर साधा निशाना
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “सवाल यह भी है कि क्या ‘चंदा चोर’ देशभक्त हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को पहले अपने नेताओं के आचरण पर जवाब देना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करने वाले बयान देने चाहिए।

सियासत तेज होने के आसार
केशव प्रसाद मौर्य के बयान और उस पर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आज़म की तीखी प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक गरमा सकता है। हालांकि, इस मामले पर भाजपा की ओर से सपा के आरोपों का विस्तृत जवाब आना अभी बाकी है।





