राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विद्यार्थी विभाग द्वारा शुक्रवार 14 अगस्त 2026 को शाम 7:00 बजे नगर के चौक स्थित सहीद पार्क में अखंड भारत संकल्प दिवस श्रद्धा एवं

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विद्यार्थी विभाग द्वारा शुक्रवार 14 अगस्त 2026 को शाम 7:00 बजे नगर के चौक स्थित सहीद पार्क में अखंड भारत संकल्प दिवस श्रद्धा एवं राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया।

 

{बलिया} 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बलिया नगर के विद्यार्थी कार्य विभाग द्वारा शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को सायं 7 बजे नगर के चौक स्थित शहीद पार्क में अखण्ड भारत संकल्प दिवस श्रद्धा एवं राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में अखण्ड भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति आत्मीयता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, नगर संघचालक परमेश्वरश्री, प्रांत संयोजक कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि संजय शुक्ल तथा सह विभाग कार्यवाह हरनाम द्वारा भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थी कार्य विभाग द्वारा अखण्ड भारत का मानचित्र बनाया गया तथा मानचित्र एवं पूरे शहीद पार्क परिसर में सैकड़ों दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों से जगमगाता अखण्ड भारत का मानचित्र भारत की सांस्कृतिक एकात्मता, राष्ट्रीय अखण्डता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सुंदर प्रतीक बन गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोरक्षप्रान्त के प्रांत संयोजक कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि संजय शुक्ल ने अखण्ड भारत संकल्प दिवस की पृष्ठभूमि एवं उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अखण्ड भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक एकात्मता, साझा जीवन-मूल्यों, परंपराओं और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। भारत का सांस्कृतिक स्वरूप राजनीतिक सीमाओं से कहीं व्यापक रहा है। इस भूभाग की विविधता में एकता ने सदियों से लोगों को एक भावात्मक एवं सांस्कृतिक सूत्र में बांधे रखा है। उन्होंने स्वतंत्रता और स्वच्छन्दता के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमें स्वतंत्रता मिली है, स्वच्छन्दता नहीं मिली है। स्वतंत्रता का अर्थ अनुशासन से मुक्त होकर मनमानी करना नहीं है। स्वच्छन्दता में व्यक्ति अपने मन को सर्वोपरि मानता है, जबकि स्वतंत्रता के साथ कर्तव्य, मर्यादा, उत्तरदायित्व और अनुशासन जुड़ा होता है। इसलिए स्वतंत्र भारत के नागरिक के रूप में हमारा दायित्व है कि हम स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए अपने जीवन में अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अखण्ड भारत का संकल्प भी अनुशासित, संगठित और संस्कारित समाज के निर्माण का संकल्प है। जब समाज अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होगा, संगठन की भावना मजबूत होगी और प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्रहित को अपने व्यक्तिगत हित से ऊपर रखेगा, तभी भारत को परम वैभव की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी स्वयंसेवक हैं और हम अखण्ड भारत की बात करते हैं।” अखण्ड भारत की भावना किसी के प्रति वैमनस्य या संघर्ष की भावना नहीं है। यह अपनी सांस्कृतिक जड़ों, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय एकात्मता को समझने तथा उसे जीवंत रखने का संकल्प है। स्वयंसेवक का जीवन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण का जीवन है। उन्होंने कहा कि हम भारत माता के पुत्र हैं। इसलिए भारत के किसी भी भाग में रहने वाले हमारे किसी बंधु को कष्ट होता है तो उस कष्ट को हम अपना कष्ट मानते हैं और जब किसी बंधु को सुख प्राप्त होता है तो हम भी उसके सुख में सहभागी होते हैं। यही आत्मीयता और एकात्मता अखण्ड भारत के विचार का मूल आधार है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, परंपराओं और समुदायों में रहने वाले लोगों को अपना मानना ही वास्तविक राष्ट्रीय एकात्मता है। उन्होंने आगे कहा कि हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। स्वयंसेवक होना केवल संगठन से जुड़ने का परिचय नहीं, बल्कि राष्ट्र को अपना परिवार मानकर उसके प्रति समर्पित रहने की जीवन-पद्धति है। स्वयंसेवक समाज में संगठन, सेवा, संस्कार, समरसता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अखण्ड भारत के संकल्प को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में इसे राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, सेवा, अनुशासन, संगठन और सांस्कृतिक गौरव के रूप में उतारें। भारत माता के प्रत्येक पुत्र के सुख-दुःख में सहभागी बनकर, समाज को संगठित एवं संस्कारित करके और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करके ही अखण्ड एवं समर्थ भारत की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। अंत में भारत माता की सामूहिक आरती की गयी। कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक सह नगर शारीरिक शिक्षण प्रमुख बाल्मीकि रहे। अतिथियों का परिचय नगर कार्यवाह मारुति नन्दन द्वारा कराया गया। एकल गीत रितेश द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में सह नगर संघचालक ओम प्रकाश राय, जिला प्रचारक अखिलेश्वर, विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख उमापति, सह जिला व्यवस्था प्रमुख चंदन, जिला संयोजक कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि चंद्रशेखर, सह जिला घोष प्रमुख आयुष, विद्यार्थी कार्य प्रमुख पंकज, नगर विद्यार्थी बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सागर वर्मा, आदित्य, आलोक, शिरीष, सूर्य प्रताप, राजरौशन, रुद्र तिवारी एवं राज सहित सैकड़ों स्वयंसेवक, कार्यकर्ता तथा गणमान्य बंधु-भगिनियां उपस्थित रहे।

भवदीय मारुति नंदन नगर कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बलिया नगर मो. न.9415252121

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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