आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के चकिया बखरिया गांव में नाली में पानी बहाने को लेकर हुए विवाद में युवक हरिओम पाण्डेय की मौत के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुकदमे में नामजद तीनों आरोपियों को घटना के 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
🔴 हत्या के आरोप में तीनों नामजद पुलिस गिरफ्त में
पुलिस के मुताबिक, मृतक के पिता वीरेंद्र पाण्डेय की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और एक महिला आरोपी को नामजद किया गया था। आरोप है कि नाली में पानी बहाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हरिओम के साथ मारपीट की गई और उसका गला दबा दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों पर धमकी देकर मौके से फरार होने का भी आरोप है।
⚡ नसोपुर अंडरपास पर पुलिस का शिकंजा
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और एएसपी ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में पवई पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को करीब 2:52 बजे थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीनों नामजद आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नसोपुर अंडरपास, पोल संख्या 187.8 के पास से गिरफ्तार कर लिया।
👮♂️ आजमगढ़ पुलिस की तेजी, 48 घंटे में गिरफ्तारी
हत्या के मामले में नामजद तीनों आरोपियों की इतनी कम समय में गिरफ्तारी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
📌 मुकदमा
मु0अ0सं0 209/2026
धारा 103(1)/351(3) बीएनएस
थाना पवई, जनपद आजमगढ़।
⚠️ मुख्य आरोपी का पुराना मुकदमा भी दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार मुख्य आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी के विरुद्ध पवई थाने में वर्ष 2012 में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसके आपराधिक इतिहास में उस पुराने मामले का उल्लेख किया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम: थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में कांस्टेबल राकेश गोड, जमींदार विश्वकर्मा, धीरज वर्मा, रोहन, नितिन मिश्रा तथा महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।





