कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, 11 हजार से अधिक गणना ब्लॉकों में होगा जनगणना कार्य
ए के तिवारी जौनपुर, 10 सितम्बर 2026. जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल, सुचारु एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, समय-सारिणी और आवश्यक तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला में जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश के सांख्यिकीय अन्वेषक युवराज गर्ग ने द्वितीय चरण की तैयारियों, कार्यप्रणाली, निर्धारित समय-सीमा तथा आमजन को जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। कार्य की गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मियों की ड्यूटी बिना जिलाधिकारी के संज्ञान में लाए किसी भी स्थिति में नहीं हटाई जाए। प्रशासन की ओर से जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में बताया गया कि जनगणना देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, नीतियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। जनगणना के माध्यम से सूक्ष्म स्तर तक आंकड़े उपलब्ध होते हैं, जिनका उपयोग देश के प्रत्येक हिस्से की वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को समझने में किया जाता है।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में कुल 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्व-गणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी, जबकि जनसंख्या गणना का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कराया जाएगा। जिले में जनगणना कार्य के लिए 11 हजार से अधिक गणना ब्लॉक बनाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही नवंबर 2026 से पहले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का आवश्यक प्रशिक्षण पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि जनगणना कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जा सके। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से जनगणना कार्य को राष्ट्रीय दायित्व की भावना के साथ पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी से संपादित करने की अपेक्षा की है।




