

पत्रकार को अपनी सीमाएं, अधिकार और कानूनी परिधि का पूरा ज्ञान होना चाहिए
चंदौली प्रेस क्लब की ओर से 17 मई को नगरपालिका सभागार में आयोजित ‘पत्रकारिता की पाठशाला’ कार्यक्रम पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ। प्रशिक्षण सत्र में वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र ने पत्रकारिता की बारीकियों, खबर लेखन की तकनीक और कानूनी सतर्कताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संजय मिश्र ने कहा कि “जो नवीन है, वही खबर है।” खबर जनहित से जुड़ी होनी चाहिए और उसका प्रभाव अधिक से अधिक लोगों पर पड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक अच्छी खबर पांच प्रमुख कसौटियों पर खरी उतरनी चाहिए। पत्रकारिता में कानून की जानकारी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गलत रिपोर्टिंग की स्थिति में जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है। इसलिए पत्रकार को अपनी सीमाएं, अधिकार और कानूनी परिधि का पूरा ज्ञान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खबर लिखने और किताब लिखने में बड़ा अंतर होता है। खबर में सबसे महत्वपूर्ण बात सबसे पहले लिखी जाती है, जबकि उपन्यास में मुख्य बात अंत में आती है। खबर में विशेषणों का प्रयोग नहीं करना चाहिए और तथ्यों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार ने पत्रकारों को नैतिक मूल्यों का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि हमेशा सतर्क रहें कि कहीं आप किसी के हाथों इस्तेमाल तो नहीं हो रहे हैं। हर सूचना के पीछे यह भी सोचें कि उसका उद्देश्य क्या है और उसका परिणाम क्या होगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकार का जीवन 24 घंटे सक्रिय रहता है। तकनीक ने पत्रकारिता को आसान भी बनाया है और चुनौतीपूर्ण भी। ऐसे में अपनी नोटबुक और तथ्यों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें खबर लेखन, तथ्य जांच और जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का अवसर मिला।





