

जौनपुर। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गई, जब कई सभासदों ने कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। तीखी बहस और नारेबाजी के चलते बैठक की कार्यवाही करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही। माहौल इतना गर्म हो गया कि अंततः अध्यक्ष को सदस्यों की मांगों पर आश्वासन देना पड़ा।
बैठक में क्यों मचा बवाल?
सभासदों ने आरोप लगाया कि निर्धारित अंतराल पर बोर्ड बैठकें नहीं बुलाई गईं। उनका कहना था कि पिछले तीन वर्षों में अपेक्षित संख्या की तुलना में बहुत कम बैठकें आयोजित की गईं, जिससे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी।
इसके अलावा कुछ सभासदों ने यह भी सवाल उठाए कि बजट और टेंडर संबंधी प्रक्रियाओं में बोर्ड की पर्याप्त सहभागिता नहीं रही। इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
पुराने विवाद भी बने वजह
सदस्यों ने पिछली बैठकों में उठाए गए सवालों के जवाब न मिलने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि लंबे समय से लंबित प्रश्नों और शिकायतों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से असंतोष बढ़ता गया, जो इस बैठक में खुलकर सामने आ गया।
आश्वासन के बाद आगे बढ़ी कार्यवाही
लंबे गतिरोध के बाद अध्यक्ष ने भविष्य में नियमित अंतराल पर बोर्ड बैठकें आयोजित करने का भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद माहौल शांत हुआ और बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ सकी। इसके बाद लाइसेंस शुल्क तथा नामांतरण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
सियासी संदेश भी छोड़ गया हंगामा
नगर पालिका की यह बैठक केवल प्रशासनिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने बोर्ड और नेतृत्व के बीच बढ़ती खींचतान को भी उजागर कर दिया। फिलहाल नियमित बैठकों के आश्वासन से विवाद थमता नजर आ रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे की राजनीतिक और प्रशासनिक गूंज बनी रह सकती है।




