रिमझिम सावन-2026 में भक्ति और भारतीय परंपरा का दिखा अद्भुत संगम, मेहंदी प्रतियोगिता में अरसला खानम बनीं विजेता

जौनपुर। सावन सिर्फ बारिश और हरियाली का महीना नहीं, बल्कि भगवान शिव की आराधना, आस्था, आत्मिक शांति और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का पावन अवसर है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक भावना को जीवंत करते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग में ‘रिमझिम सावन-2026’ कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, उमंग और भक्ति के वातावरण में किया गया। शिव भक्ति के गीतों, मंत्रोच्चार, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने भगवान शिव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके साथ ही सावन की पवित्रता और शिव आराधना का संदेश देते हुए कार्यक्रम में भक्ति और संस्कृति का रंग गहराता चला गया।

खुशी सिंह, अमृता सिंह, अनु पाण्डेय एवं संजना मिश्र ने विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया। अनुराग तिवारी और कुणाल मिश्रा के शिव मंत्र गायन से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। पूजा साहू एवं हर्षित श्रीवास्तव ने सावन के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विचार रखे। साक्षी जायसवाल ने स्वरचित कविता प्रस्तुत कर सावन की भावनाओं को शब्द दिए।
निधि सिंह ने ‘सावन का महीना पवन करे शोर’ गीत सुनाकर माहौल को सावनमय कर दिया, जबकि शिवानी श्रीवास्तव की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धा की धारा बहा दी। रुपाली सिंह और दीक्षा प्रिया यादव ने सावन थीम पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का रंग भर दिया।

‘सावन संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का बेहतरीन माध्यम’
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रसिकेश ने सावन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सावन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्म-विकास, सद्भाव, सृजनशीलता और भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जुड़ने का बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
शिक्षक अनुपम कुमार ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने परस्पर सहयोग और सामूहिक प्रगति की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा दी तथा भजन की प्रस्तुति भी दी।

मेहंदी में उभरी सावन की छटा, अरसला खानम ने जीता पहला स्थान
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मेहंदी प्रतियोगिता रहा। रितिका सिंह, अमृता सिंह, अरसला खानम, नंदनी सोनी, नंदनी यादव, वंशिका यादव, रुपाली सिंह एवं काजल वर्मा ने एचआरडी लोगो थीम पर आकर्षक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में अरसला खानम ने प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें सावन थीम का गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संयोजन इवेंट हेड साक्षी जायसवाल, ऐश्वी अस्थाना एवं दीपा मोदनवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन काजल वर्मा ने किया। समापन पर छात्राओं ने वंदे मातरम् और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।

इस अवसर पर दिव्यांशु सिंह, खुशी सिंह, अवंतिका यादव, ऋषिता चौरसिया, कुणाल मिश्रा, संजना मिश्र, उज्ज्वल सिंह, कपिल यादव, अभय सिंह सहित विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सावन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा भी है। ‘रिमझिम सावन-2026’ में इसी भावना ने भक्ति और उल्लास को एक साथ पिरो दिया।





