एक घंटे बिजली आने के बाद दो घंटे हो रही कटौती, उमस भरी गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें
रिपोर्ट मंजू शर्मा
बिंद्राबाज़ार।
विद्युत उपकेंद्र छाऊ, और विद्युत उपकेंद्र मुहम्मदपुर से जुड़े दर्जनों गांवों में इन दिनों रोस्टिंग के नाम पर हो रही भारी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी लगातार बिजली कटौती किए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उमस भरी भीषण गर्मी में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीणों में आक्रोश है।ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित घंटों तक बिजली आपूर्ति किए जाने के निर्देश हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका पालन होता नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुश्किल से आठ घंटे के आसपास ही बिजली मिल पा रही है। एक घंटे बिजली आने के बाद करीब दो घंटे रोस्टिंग के नाम पर आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसके अलावा ब्रेकडाउन और शटडाउन के नाम पर भी घंटों बिजली काटी जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ रोस्टिंग, दूसरी तरफ ब्रेकडाउन और शटडाउन के कारण बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। दिन में गर्मी से राहत नहीं मिल रही तो रात में भी बिजली न रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली कटौती के कारण घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे कारोबार और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली काटने के बाद मच्छरों का भी प्रकोप काफी संख्या में बढ़ जा रहा है और बीमारी को दावत दे रहा है।ग्रामीण जगदीश राय, विजय प्रकाश मिश्रा, शशिकांत उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, अमित गुप्ता, अर्जुन गुप्ता, राहुल राय, संदीप स्वर्णकार, संदीप ठठेरा, बृजेश गुप्ता, अमित मोदनवाल समेत अनेक ग्रामीणों ने संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से रोस्टिंग के नाम पर हो रही अघोषित और भीषण बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। विद्युत सब स्टेशन मुहम्मदपुर के जेई विनय मौर्य ने बताया कि ऊपर से कटौती की जा रही है वहीं विद्युत कर स्टेशन छाऊ के प्रभारी जेई यासीन खान ने बताया कि विद्युत खपत की अपेक्षा बिजली बिल की वसूली कम होने के कारण रोस्टिंग हो रही है।बिंद्राबाज़ार।
विद्युत उपकेंद्र छाऊ और विद्युत उपकेंद्र मुहम्मदपुर से जुड़े दर्जनों गांवों में इन दिनों रोस्टिंग के नाम पर हो रही भारी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी लगातार बिजली कटौती किए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उमस भरी भीषण गर्मी में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीणों में आक्रोश है।ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित घंटों तक बिजली आपूर्ति किए जाने के निर्देश हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका पालन होता नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुश्किल से आठ घंटे के आसपास ही बिजली मिल पा रही है। एक घंटे बिजली आने के बाद करीब दो घंटे रोस्टिंग के नाम पर आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसके अलावा ब्रेकडाउन और शटडाउन के नाम पर भी घंटों बिजली काटी जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ रोस्टिंग, दूसरी तरफ ब्रेकडाउन और शटडाउन के कारण बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। दिन में गर्मी से राहत नहीं मिल रही तो रात में भी बिजली न रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली कटौती के कारण घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे कारोबार और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली काटने के बाद मच्छरों का भी प्रकोप काफी संख्या में बढ़ जा रहा है और बीमारी को दावत दे रहा है।ग्रामीण जगदीश राय, विजय प्रकाश मिश्रा, शशिकांत उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, अमित गुप्ता, अर्जुन गुप्ता, राहुल राय, संदीप स्वर्णकार, संदीप ठठेरा, बृजेश गुप्ता, अमित मोदनवाल समेत अनेक ग्रामीणों ने संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से रोस्टिंग के नाम पर हो रही अघोषित और भीषण बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। विद्युत सब स्टेशन मुहम्मदपुर के जेई विनय मौर्य ने बताया कि ऊपर से कटौती की जा रही है वहीं विद्युत कर स्टेशन छाऊ के प्रभारी जेई यासीन खान ने बताया कि विद्युत खपत की अपेक्षा बिजली बिल की वसूली कम होने के कारण रोस्टिंग हो रही है।



