लगभग एक सदी पुरानी परंपरा की दिखी झलक, प्रो. अजय कुमार दुबे और कवि अरविन्द सिंह की मौजूदगी रही खास
जौनपुर। हरसिंह पट्टी क्षेत्र के राम नगर भड़सरा स्थित श्रीराम जानकी एवं श्री बड़े हनुमान जी मंदिर परिसर में ऐतिहासिक दशहरा मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। भगवान श्रीराम की झलक पाने और रामलीला का मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षा संकायाध्यक्ष एवं टीडी कॉलेज के बीएड विभाग के प्रोफेसर अजय कुमार दुबे शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार अरविन्द सिंह ‘बेहोश जौनपुरी’ की उपस्थिति रही। समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र भेंट करके स्वागत किया।
रामलीला हमारी सांस्कृतिक विरासत : प्रो. अजय कुमार दुबे
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रो. अजय कुमार दुबे ने कहा कि राम नगर भड़सरा की रामलीला सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। करीब एक सदी से चली आ रही यह परंपरा नई पीढ़ी को धर्म, मर्यादा और आदर्शों से जोड़ने का काम कर रही है।

वहीं, कवि अरविन्द सिंह ‘बेहोश जौनपुरी’ ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान श्रीराम के चरित्र और उनके आदर्शों का वर्णन किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
कार्यक्रम में रामलीला समिति के वरिष्ठ कलाकारों के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें सतीश चन्द्र सिंह, कमलेश त्रिपाठी, दीपक प्रकाश सिंह, नीरज सिंह, प्रियवत्स सिंह, डॉ. अतुल त्रिपाठी, सुमित सिंह, शिवम सिंह, आशुतोष, सौभाग्य, कमल, सौरभ सिंह, उज्ज्वल, कार्तिक, अर्पित, अंकुर, अरुण सिंह, उदय सिंह, वीरांश, शाश्वत, शत्विक, उन्नत, सौहार्द, अनिल पटेल, पिंटू पटेल, हर्षित, शुभम सिंह, सतेन्द्र सिंह, अजित सिंह, प्रताप बहादुर सिंह, आलोक कुमार सिंह, नवीन चन्द्र सिंह, कृष्ण वर्मा, विवेक, आशीष पटेल, रुद्र प्रताप सिंह, संदीप सिंह और सुजीत सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

समिति अध्यक्ष ने जताया आभार
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संयोजन रामलीला समिति के अध्यक्ष मोहित सिंह ने किया। उन्होंने अतिथियों, कलाकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के सहयोग और सहभागिता से ही यह गौरवशाली परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनसहभागिता के बीच राम नगर भड़सरा का ऐतिहासिक दशहरा मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




