लखनऊ में एंबुलेंस कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन! ग्रीन हेल्थ सर्विस के कार्यालय का घेराव, ज्वाइनिंग और वेतन पर आर-पार की लड़ाई

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75 जिलों के कर्मचारियों के जुटने का दावा, 18 हजार रुपये वेतन की मांग पर अड़ा संगठन; स्वास्थ्य मंत्री ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी देने की बात कही

पत्रकार विवेक कुमार त्रिपाठी जौनपुर

लखनऊ। बर्खास्त एंबुलेंस कर्मचारियों की बहाली और ज्वाइनिंग की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। हनुमान सेना के नेतृत्व में कर्मचारियों ने आशियाना स्थित एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी ग्रीन हेल्थ सर्विस के कार्यालय का घेराव किया। संगठन का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के सभी 75 जिलों से हजारों कर्मचारी शामिल हुए।प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कार्यालय के सामने धरना देते हुए कंपनी प्रबंधन से जल्द ज्वाइनिंग कराने की मांग उठाई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शरद यादव अपने समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद रहे और कंपनी को 24 घंटे के भीतर समझौता करने का अल्टीमेटम दिया।

12,500 रुपये वेतन पर असहमति, 18 हजार की मांग

कर्मचारियों और कंपनी के बीच वेतन को लेकर भी विवाद सामने आया है। संगठन के मुताबिक, कंपनी की ओर से 12,500 रुपये वेतन दिए जाने की बात कही जा रही है, जबकि कर्मचारी संगठन 18,000 रुपये मासिक वेतन की मांग पर अड़ा है।

प्रदेश अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि संगठन कंपनी के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। कर्मचारियों को उनके गृह जनपद में तैनाती देने की मांग भी रखी गई है। संगठन का कहना है कि स्थानीय तैनाती को लेकर उसे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कर्मचारियों की ज्वाइनिंग और वेतन संबंधी मांगों पर सहमति जरूरी है।

24 घंटे में समझौते का अल्टीमेटम

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने कंपनी प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रह सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि संबंधित कर्मचारियों की ज्वाइनिंग कराने के लिए सरकारी निर्देश जारी हैं। हालांकि, इन निर्देशों और उनके अनुपालन की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।

 

स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता के बाद कर्मचारियों में उम्मीद

संगठन की ओर से बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि यदि कंपनी मांगों पर सहमति नहीं बनाती है, तो उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। इस बयान के बाद कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ने की बात कही जा रही है।वहीं, कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष और वेतन-ज्वाइनिंग विवाद पर उसका विस्तृत जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

फिलहाल ज्वाइनिंग, वेतन और तैनाती को लेकर कर्मचारियों तथा कंपनी के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर वार्ता से कोई समाधान निकलता है या कर्मचारियों का आंदोलन आगे बढ़ता है।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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