ए के तिवारी
जौनपुर/। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की दो होनहार शोध छात्राओं ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच पर अपनी मेधा का डंका बजाया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘वेलनेसकॉन-2026’ में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की शोध छात्राओं ने अपनी शोध प्रस्तुति से दुनिया भर के वैज्ञानिकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में मंजूसा सिंह ने दूसरा और आतिफा हफीज ने तीसरा स्थान हासिल कर अपने विश्वविद्यालय और जिले का मान बढ़ाया।
30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक चले इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश और विदेश के 1,158 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस मंच पर देश-दुनिया से आए प्रसिद्ध वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी के अत्याधुनिक अनुसंधानों पर गहराई से चर्चा की।

सम्मेलन के तहत आयोजित मौखिक शोध प्रस्तुति (Oral Presentation) प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रही, जिसमें कुल 98 शोधार्थियों ने अपने रिसर्च पेपर पेश किए।
- मंजूसा सिंह (द्वितीय पुरस्कार): इन्होंने ‘मंकीपॉक्स वायरस के खिलाफ एंटीवायरल पेप्टाइड्स की इम्यूनोइन्फॉर्मेटिक्स आधारित स्क्रीनिंग’ विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
- आतिफा हफीज (तृतीय पुरस्कार): इन्होंने ‘ऑटोफैजी-संबंधित लंग कैंसर में बीसीएल-2 (Bcl-2) और टीपी-53 (TP-53) की संभावित चिकित्सीय लक्ष्यों के रूप में पहचान’ पर अपना प्रेजेंटेशन दिया।
दोनों होनहार छात्राओं ने यह महत्वपूर्ण शोध कार्य बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक डॉ. मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में पूरा किया है। विभाग की इस सफलता को यहां के उच्चस्तरीय शोध वातावरण और विद्यार्थियों की लगन का परिणाम माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने दोनों छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुलपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे विद्यार्थियों का ऐसा प्रदर्शन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को एक नया आयाम देता है। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




