कुलपति प्रो. वंदना सिंह बोलीं— युवा ठान लें तो नशे जैसी सामाजिक बुराई का होगा अंत, विकसित भारत के निर्माण में निभानी होगी अहम भूमिका।

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रविवार को नशा मुक्त भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान के तहत आगामी 100 सप्ताह तक लगातार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश के लाइव प्रसारण से हुआ। इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के कलाकारों ने मंचन के जरिए नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक समस्या है। यदि देश का युवा दृढ़ संकल्प ले, तो इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने इसे जनभागीदारी का अभियान बताते हुए सभी को नशा मुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने युवाओं से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। वहीं शोध छात्र उद्देश्य सिंह ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में युवाओं की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। एनसीसी कैडेट अदिति मिश्रा ने भी नशा मुक्त भारत के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय वर्ष 2023 से नशा मुक्त परिसर अभियान चला रहा है और अब इसे और व्यापक रूप देते हुए अगले 100 सप्ताह तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एनएसएस समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने प्रतिभागियों से माई भारत पोर्टल पर ई-प्रतिज्ञा लेने और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करने की अपील की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए नशा मुक्त भारत के संकल्प को दोहराया।






