पत्रकार विवेक त्रिपाठी
लखनऊ। 9000 बर्खास्त एंबुलेंस कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को एंबुलेंस कर्मियों ने विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी कार्यालय होते हुए हजरतगंज थाने तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा और संविधान की पुस्तक लेकर सरकार से बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने “स्वास्थ्य मंत्री एंबुलेंस कर्मियों को बहाल करो, नहीं तो इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी 9000 बर्खास्त एंबुलेंस कर्मचारियों की बहाली नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

शनिवार को आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव किया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस कर्मियों को बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार आंदोलन का कार्यक्रम लगातार जारी रखा जाएगा। एक दिन विधानसभा और दूसरे दिन स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने की बात कही गई है। उनका कहना है कि यह क्रम तब तक जारी रहेगा, जब तक बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली नहीं हो जाती।

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री से बहाली की मांग करते हुए कहा कि यदि 9000 एंबुलेंस कर्मियों को वापस सेवा में नहीं लिया गया तो स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

इस आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष शरद यादव, हनुमान पांडे, सुशील पांडे, दीपक सिंह चौहान सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जौनपुर की शिराज-ए-हिंद की धरती से भी विवेक कुमार त्रिपाठी, नीतीश यादव, लालजी प्रजापति समेत बड़ी संख्या में एंबुलेंस कर्मियों के शामिल होने की बात कही गई।





