

उसी देवी को मां कहकर बुलाना अच्छा लगता है…..
नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा कवि गोष्ठी का किया गया आयोजन…….
*प्रदीप कुमार राय*
*देवरिया ….. उत्तर प्रदेश*
नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित कवि गोष्ठी में कवि एवं गीतकारों ने विविध भाव, छन्द एवं रस से संपृक्त एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।मातृदिवस के अवसर को ध्यान में रखते हुए *नागरी प्रचारिणी सभा के पूर्व मंत्री इन्द्र कुमार दीक्षित* ने मां की विशेषता और महत्ता को समर्पित करते हुए “*जिसे सर्वस्व गंवाकर प्यार पाना अच्छा लगता है, जिसे परिवार पर सब कुछ लुटाना अच्छा लगता है……….उसी देवी को मां कहकर बुलाना अच्छा लगता है*” सुनाकर प्रशंसा बटोरी। इसके बाद *छेदी प्रसाद गुप्त विवश ने सउदा बना के कहां जात बानी, गमकत बा देहिया सुगंध रात रानी* गीत सुनाकर श्रोताओं को श्रृंगार रस में गोते लगवाया। आगे *रीना तिवारी ने किसी ने ठीक ही मां को खुदा का नाम दिया, जो खुद टूट के बिखरी, हमें आराम दिया।* मां को ही पारिभाषित करते *कीर्ति त्रिपाठी ने मां तेरा होना ही हमारे लिए वरदान है, तेरे कदमों में ही सारा जहां है।* इसी भाव बोध की कविता संचालन कर रही *प्रार्थना राय ने पढी-रात भर नींद नैनों में आती नहीं, सूनी रातों में जब याद आती है मां।* प्रसिद्ध शायर *फिगार देवरियावी ने ज़िक्र आया जो मां कदमों का याद फिर आ गयी जन्नत की*, कविता से गोष्ठी को ऊंचाई दी। *अपनी दिले दास्तां सुनाने हुए रामेश्वर तिवारी राजन ने दिल में इक तस्वीर बन गयी, खामोशी अब तीर बन गयी* गीत पढ़ा।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे *निराला शब्द संवाद मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ने अपनी संस्था की ओर से डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी, डा. अनिल कुमार त्रिपाठी, श्री इन्द्र कुमार दीक्षित एवं डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी को सम्मान से सम्मानित* किया। *हिन्दी साहित्य भारती की ओर से द्विवेदी जी ने इन्द्र कुमार दीक्षित एवं भीम प्रसाद प्रजापति के हाथों वयोवृद्ध गीतकार गिरिधर करुण* को सम्मानित कराया। कवि गोष्ठी में *रंजीता श्रीवास्तव, पार्वती देवी गौरा, क्षमा श्रीवास्तव, विनोद कुमार अग्रवाल, कौशल किशोर मणि, दयाशंकर कुशवाहा, मुक्तिनाथ त्रिपाठी, सच्चिदानंद सवेरा, उमेश चन्द्र तिवारी, डा एस एन मणि, वशिष्ठ चौबे, श्वेता राय, एम पी गोड़, रविनंदन सैनी, शायर शफक, फेगार देवरीयावि* ने भी कविता सुनाई। इस अवसर पर *डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी, रवीन्द्र नाथ तिवारी, राणा प्रताप सिंह, भीम प्रसाद प्रजापति, राकेश कुशवाहा, विनोद कुमार अग्रवाल, लालता प्रसाद चौधरी, सुबास राय, नित्यानंद आनन्द, सरोज कुमार पाण्डेय, शिखा श्रीवास्तव, ब्रजेश पाण्डेय अधिवक्ता, रेनु गुप्ता, रविनंदन सैनी, प्रवीण मणि त्रिपाठी, अजहर, सद्दाम अंसारी, डा मधुसूदन मिश्र, नीलम भारती, डॉ मधुसूदन मणि त्रिपाठी, रमेश सिंह दीपक, शिखा गौड़* आदि गणमान्य उपस्थित रहे।
इसके पूर्व *सौदागर सिंह ने वाणी वन्दना प्रस्तुत की सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने ओम प्रकाश द्विवेदी एवं श्री एस बी शुक्ल को उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया*। *अंत में राष्ट्र गान के साथ गोष्ठी के समापन की घोषणा की गई।*





