पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस की धूम: कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने बैडमिंटन कोर्ट में दिखाया दम, विद्यार्थियों को दिया ‘फिटनेस मंत्र’

SHARE:

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचन्द क्रीड़ा संकुल में राष्ट्रीय खेल दिवस के शुभ अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द की जयंती अभूतपूर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने मेजर ध्यानचन्द के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करके किया। इसके पश्चात उन्होंने परिसर के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को खेल को अपनी दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करने की शपथ दिलाई। इस दौरान कुलपति खुद को रोक नहीं सके और इंडोर स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट पर उतरकर खिलाड़ियों के साथ हाथ आजमाए, जिससे युवाओं का जोश दोगुना हो गया।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने सफलता का मूलमंत्र देते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और नवाचार ही प्रगति के तीन मुख्य आधार स्तंभ हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है और एक स्वस्थ मस्तिष्क ही रचनात्मक सोच, उच्चस्तरीय शोध और नवाचार को नई दिशा प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं में ऊर्जा भरते हुए आह्वान किया कि हर विद्यार्थी रोजाना कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में जरूर पसीना बहाए और ‘फिट इंडिया’ के सपने को साकार करे। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ शारीरिक कसरत का जरिया नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और विषम परिस्थितियों में संघर्ष करने की कला सिखाता है।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय को खेल जगत में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अपना संकल्प दोहराते हुए कुलपति ने कहा कि परिसर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि हमारे युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का परचम लहरा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन एथलीटों को हर संभव संसाधन और सहायता मुहैया कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के इस विशेष मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में पुरुष एवं महिला वर्गों के लिए बैडमिंटन, योगाभ्यास और रस्साकसी जैसी विविध खेल प्रतियोगिताओं का रोमांचक आयोजन हुआ। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल भावना और अनुशासन का प्रदर्शन किया। विजेताओं और प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए कुलपति ने कहा कि हार-जीत से ज्यादा मायने खेल की भावना और निरंतर प्रयास रखता है।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव श्री अजीत प्रताप सिंह, खेलकूद परिषद के सचिव प्रो. शेखर सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. देवराज, प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. रसिकेश, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. मनोज पाण्डेय, रजनीश कुमार सिंह, डॉ. राजेश सिंह, सतेन्द्र कुमार सिंह, अल्का सिंह, विजय प्रकाश, जय सिंह गुहिलौत सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर कुलपति ने “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” के नारे के साथ युवाओं से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

Leave a Comment