*मेजवां की चिकनकारी की खुशबू मुंबई तक पहुँची, 15वें मेजवां फैशन शो में दिखा ग्रामीण महिला कारीगरों का हुनर*
*मेजवां की पारंपरिक चिकनकारी को मिल रही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान*
*महिला सशक्तीकरण और रोजगार का माध्यम बन रही मेजवा पारंपरिक कला*
*मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने मेजवां की चिकनकारी को आधुनिक फैशन से जोड़ा, विक्की कौशल और आलिया भट्ट समेत कई फिल्मी सितारों ने किया रैंप वॉक*
आजमगढ़, 29 सितंबर 2026
जनपद आजमगढ़ के मेजवां क्षेत्र की महिलाओं एवं बालिकाओं के हाथों से तैयार की जाने वाली पारंपरिक चिकनकारी कला की खुशबू अब देश की मायानगरी मुंबई तक अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।
आजमगढ़ की बेटी एवं प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी की पहल से संचालित मेजवां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से मुंबई स्थित ताज लैंड्स एण्ड, बांद्रा में 15वां मेजवां फैशन शो आयोजित किया गया। फैशन शो का उद्देश्य आजमगढ़ मेजवां एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिला कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके पारंपरिक चिकनकारी हुनर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना रहा।
पारंपरिक चिकनकारी के 15 वर्षों के सफर का हुआ उत्सव
मेजवां फैशन शो के माध्यम से मेजवां की महिला कारीगरों की बारीक चिकनकारी कला को फैशन जगत में पहचान दिलाने के 15 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। वर्ष 2010 में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक कढ़ाई की कला को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देना तथा आजमगढ़ के मेजवां और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा है।
मेजवां की महिला कारीगरों द्वारा हाथों से तैयार की गई बारीक चिकनकारी कढ़ाई को फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने अपने निर्देशन में आधुनिक फैशन के साथ जोड़ा। पारंपरिक हस्तकला और समकालीन फैशन के इस अनूठे संगम ने मेजवां की कला को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
बॉलीवुड सितारों ने किया रैंप वॉक
मुंबई में आयोजित मेजवां फैशन शो में बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों ने प्रतिभाग किया। अभिनेता विक्की कौशल ने शेरवानी जैकेट पहनकर रैंप वॉक किया। उन्होंने इसे आइवरी-व्हाइट कुर्ते और ट्राउजर के साथ पहना, जिस पर बारीक सफेद चिकनकारी एवं सेक्विन का कार्य किया गया था। इस परिधान में पारंपरिक चिकनकारी कला की खूबसूरती को आधुनिक परिधान शैली के साथ प्रस्तुत किया गया।
वहीं, अभिनेत्री आलिया भट्ट ने आइवरी रंग के परिधान में फैशन शो का समापन किया। मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किए गए इस आधुनिक परिधान में साड़ी को समकालीन एवं आकर्षक स्वरूप दिया गया था। क्रॉप्ड बैंडो-स्टाइल ब्लाउज, कढ़ाई वाली स्कर्ट तथा चिकनकारी पल्लू ने पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक फैशन के मेल को प्रभावशाली रूप प्रदान किया।
चिकनकारी और धागे की कढ़ाई रही कलेक्शन का मुख्य आकर्षण
फैशन शो में प्रस्तुत किए गए पूरे कलेक्शन में मेजवां की चिकनकारी एवं धागे की बारीक कढ़ाई मुख्य आकर्षण रही। कलेक्शन में आइवरी, गहरे हरे, कोरल तथा ओम्ब्रे रंगों का प्रयोग किया गया। इसके साथ ही वेलवेट और शीयर कढ़ाई वाले कपड़ों, सेक्विन, सिल्वर डिटेलिंग तथा जरदोजी शैली के कार्य को भी शामिल किया गया। पारंपरिक चिकनकारी के महीन टांकों और आधुनिक डिजाइन की आकर्षक प्रस्तुति ने मेजवां की कला को फैशन के बदलते स्वरूप के साथ जोड़ने का कार्य किया। इस अवसर पर उपस्थित दर्शकों ने मेजवां की पारंपरिक हस्तकला एवं आधुनिक डिजाइन के इस संगम की सराहना की।
शबाना आजमी ने मेजवां की महिला कारीगरों के हुनर को सराहा
इस अवसर पर अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि जनपद आजमगढ़ के मेजवां क्षेत्र की महिलाएं एवं बालिकाएं बेहद हुनरमंद और मेहनती हैं। उनके द्वारा विगत 15 वर्षों से तैयार की जा रही पारंपरिक चिकनकारी कढ़ाई ने देश-दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। मुंबई में मेजवां की कला के प्रदर्शन के 15 वर्षों का सफर सकारात्मक रूप से इतनी तेजी से बीत गया कि इसका अहसास ही नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मेजवां की पारंपरिक चिकनकारी की धाक आज फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ फैशन इंडस्ट्री, स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है। मेजवां की महिलाओं एवं बालिकाओं के हाथों के हुनर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने के लिए उनका प्रयास आखिरी समय तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि मेजवां फैशन शो में शामिल बॉलीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज सितारों ने भी आजमगढ़ के मेजवां की कला एवं कारीगरों के हुनर की सराहना की।
महिला सशक्तीकरण और रोजगार का माध्यम बन रही पारंपरिक कला
मेजवां की चिकनकारी केवल एक पारंपरिक हस्तकला नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी बन रही है। वर्षों से मेजवां क्षेत्र की कारीगर महिलाओं द्वारा अपने हाथों की बारीक कढ़ाई से तैयार किए जा रहे परिधानों को फैशन के राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलना स्थानीय हुनर को व्यापक बाजार एवं पहचान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
मेजवां फैशन शो के 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि पारंपरिक भारतीय हस्तकला को आधुनिक डिजाइन और फैशन के साथ जोड़कर उसे नई पीढ़ी एवं व्यापक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। मेजवां की महिलाओं और बालिकाओं के हाथों की बारीक चिकनकारी ने मुंबई के फैशन मंच पर आजमगढ़ की कला, संस्कृति और हुनर की विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया।





