आजमगढ़, 7 अक्टूबर। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (NCSAM) के तहत थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़ पुलिस की ओर से अमर शहीद इंटर कॉलेज, ईश्वरपुर में साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को बदलते साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे सतर्कता बरतने की अपील की गई।

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर डराने, फर्जी लिंक और ऐप भेजने, ट्रेडिंग अथवा निवेश में मुनाफे का लालच देने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे मामलों में बिना सत्यापन किसी के दबाव में आकर पैसा भेजने या निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।

OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की अपील
पुलिस ने विद्यार्थियों को अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक और अनजान ऐप से सावधान रहने को कहा। साथ ही OTP, बैंकिंग विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में सेक्सटॉर्शन और न्यूड कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग के मामलों को लेकर भी जागरूक किया गया। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में घबराकर या दबाव में आकर भुगतान करने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

लाउडहेलर और पम्पलेट से भी पहुंचाया जागरूकता संदेश
अभियान के दौरान विद्यार्थियों के साथ आमजन को भी साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। लाउडहेलर और पम्पलेट के माध्यम से लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि में सावधानी बरतने का संदेश दिया गया।

आजमगढ़ पुलिस का यह अभियान विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराध के नए तरीकों की पहचान कराने तथा घटना होने पर तत्काल शिकायत करने के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
संदेश साफ है—साइबर अपराध में सावधानी ही सबसे मजबूत सुरक्षा है।





