वरिष्ठ कवि अनंत देव पांडे अनंत के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि।
ब्यूरो चीफ पं0 कृष्ण विहारी त्रिवेदी।
साहित्य चेतना समाज की शोक सभा संस्था के सचिव हीरा राम गुप्ता के नगर के पीरनगर स्थित आवास पर हुई।सभा में वरिष्ठ कवि अनन्तदेव पाण्डेय अनन्त के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कहा कि ‘गँऊवों गाँव बुझाते नइखे’ जैसी चर्चित रचना के रचनाकार पाण्डेय जी का निधन गाजीपुर के साहित्यिक जगत की अपूरणीय क्षति है।वे 93 वर्ष की अवस्था में भी पूर्णतया चैतन्य थे।संस्था की स्थापना के समय से ही संस्था के प्रति उनका सहयोग व स्नेह भाव बना रहा।संस्था के प्रत्येक छोटे-बड़े कार्यक्रमों में उनकी ससमय उपस्थिति रहती थी।अभी हिन्दी दिवस के अवसर पर उनका एकल काव्य-पाठ व सम्मान कार्यक्रम संस्था ने आयोजित किया था।हिन्दी और भोजपुरी,दोनों भाषाओं में उन्होंने लिखकर इन दोनों भाषाओं के साहित्य को समृद्ध किया है।कवि-गोष्ठियों के साथ ही कवि-सम्मेलनों के मंचों पर भी वे खूब सुने जाते थे।उनके जाने से गाजीपुर का साहित्यप्रेमी मर्माहत है।उनके निधन से हिन्दी और भोजपुरी साहित्य की अपूरणीय क्षति हुई है।उन्होंने अपनी रचनाधर्मिता के माध्यम से भाषा,लोकजीवन,समाज और संस्कृति को स्वर दिया।विशेष रूप से भोजपुरी जैसी लोकभाषा की समृद्ध परम्परा को साहित्य के माध्यम से आगे बढ़ाने में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।उनका शरीर भले ही हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी कविताएँ,विचार और संवेदनाएँ उन्हें जीवित रखेंगी।उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को हमारी मिट्टी,हमारी लोक-संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ती रहेंगी।शोक सभा में संस्था के अध्यक्ष डाॅ.रविनन्दन वर्मा,उपाध्यक्ष संजीव कुमार गुप्त,सचिव हीरा राम गुप्ता,संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,कोषाध्यक्ष राजीव मिश्र,आनन्द प्रकाश अग्रवाल,शशिकांत राय आदि उपस्थित थे।





