जौनपुर : अधिवक्ता संघ चुनाव में आचार संहिता का डंडा: प्रचार किया तो सीधे खतरे में पड़ेगी उम्मीदवारी #AzamgarhNews 

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21 अगस्त से परिणाम घोषित होने तक पोस्टर-बैनर, नारेबाजी और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण रोक

जौनपुर। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के वर्ष 2026 के चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनावी आचार संहिता लागू कर दी गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद सिंह एडवोकेट ने प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को साफ चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और गंभीर उल्लंघन पर प्रत्याशिता तक रद्द की जा सकती है।

आचार संहिता के मुताबिक 21 अगस्त 2026 से चुनाव परिणाम घोषित होने तक संघ परिसर, पं. मुरलीधर उपाध्याय भवन और दीवानी न्यायालय परिसर में पोस्टर, बैनर, पंपलेट, माइक या किसी भी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्याशी या समर्थक अस्त्र-शस्त्र अथवा किसी घातक वस्तु का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

 

मतदाताओं पर दबाव बनाया तो होगी कार्रवाई

मतदाताओं से दुर्व्यवहार, डराने-धमकाने, दबाव बनाने, प्रदर्शन करने या नारेबाजी करने पर भी रोक लगा दी गई है। चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चुनावी माहौल बिगाड़ने या नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।

मतदान केंद्र के 50 फीट के दायरे में प्रचार पर ब्रेक

मतदान के दिन नियम और भी सख्त रहेंगे। संघ भवन के अंदर, प्रवेश द्वार पर तथा भवन से 50 फीट तक के दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस सीमा में प्रचार करते पाए जाने पर संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी समाप्त किए जाने तक की कार्रवाई हो सकती है।संघ परिसर में चुनावी बैठक के लिए तख्त, कुर्सी, मेज या अन्य सामान लगाकर प्रचार गतिविधियां संचालित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

बाहर पोस्टकार्ड आकार के पर्चे की छूट

प्रत्याशियों को संघ परिसर के बाहर पोस्टकार्ड आकार के प्रचार पत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। हालांकि मतदान के दिन संघ परिसर, गेट अथवा आसपास प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।मोबाइल से मतपत्र की फोटो खींचना गंभीर उल्लंघन चुनाव अधिकारी ने मतपत्र की गोपनीयता को लेकर भी सख्ती बरती है। मतपत्र की मोबाइल फोन से तस्वीर खींचना गंभीर रूप से प्रतिबंधित किया गया है। चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता भंग करने वाले किसी भी प्रयास पर कार्रवाई की जा सकती है।

गेट और रास्ते पर वाहन खड़ा किया तो भी फंसेंगे

मतदान के दिन संघ परिसर, उसके प्रवेश द्वार या रास्ते में दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित करने की भी अनुमति नहीं होगी। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा पैदा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

24 घंटे में हटाने होंगे पोस्टर-बैनर

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ आचार संहिता की प्रति उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा नियमों को सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया गया है।संघ या दीवानी न्यायालय परिसर में पहले से लगाए गए किसी भी पोस्टर अथवा बैनर को 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य किया गया है। तय समय में प्रचार सामग्री नहीं हटाई गई तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें प्रत्याशिता निरस्त करना भी शामिल है।चुनाव अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों और समर्थकों से नियमों का अक्षरशः पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, शांति और गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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Author: Azamgarh News

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