तेज धूप व लू ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाइजरी

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तेज धूप व लू ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाइजरी

 

गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुॅंच चुका है। सूर्य की तपिश ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। इस भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही लू से बचाव के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की गई है, जिसमें गर्मी से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
दिनांक 23 अप्रैल, 2026 को जनपद का तापमान अधिकतम 43 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रही।
गुरूवार को तापमान सुबह से तेज रहा तथा अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री तक चला गया जिससे लोगों का बुरा हाल था। गर्मी व लू से बचने के लिए लोग अपने घरों से छाता लेकर निकलें, सूरज का तेवर तेज होने के कारण लोगों को धूप में खड़ा होना मुश्किल हो रहा था। दिन जैसे-जैसे चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी बढ़ती गई। दोपहर में लोगों का अपने घर से निकलना दूभर हो गया, तपिश व लू के चलने से लोगों का चेहरा झुलस रहा था। लिहाजा लोग दोपहर में जरूरी काम से छाता लगाकर अपने घरों से निकलें। बच्चे भी अपने स्कूलों से छाते की छाया में आते नजर आए। शाम को सूरज छुप जाने से गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिनांक 24 एवं 25 अप्रैल को 44.0 डिग्री से 45.0 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की साथ लू चलने के आसार हैं।
लू लगने के लक्षण
व्यक्ति की त्वचा का गर्म, लाल, शुष्क होना, पसीना न आना
तेज पल्स होना, उल्टे सांस गति में तेजी व व्यवहार में परिवर्तन और भ्रम की स्थिति
* सिरदर्द, मिचली, थकान, कमजोरी का होना या चक्कर आना।
* मूत्र न होना अथवा इसमें कमी
लू की वजह से व्यक्ति के शरीर पर होने वाले प्रभाव
* उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाना है तथा इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है।
* मनुष्य के हृदय के कार्य पर प्रतिकूल पभाव उत्पन्न होता है।
* जो लोग एक या दो घंटे से अधिक समय तक अधिक तापमान अथवा गर्म हवा में रहते हैं, तो उनके मस्तिष्क में क्षति होने की संभावना प्रबल हो जाती है।
लू से बचने के लिए ये करें
* अधिक से अधिक पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। यह शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने में मद्द करेगा।
* हल्के रंग के, पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें।
* घूप में निकलते समय गमछा, चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का उपयोग करें।
* यदि आप खुले में काम करते हैं, तो सिर, चेहरा और हाथ-पैरों को गीले कपडे़ से ढ़के और छाता का प्रयोग करें।
* लू से प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोछें या नहलाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।
* यात्रा करते समय पीने का पानी अवश्य साथ रखें और गीले कपड़े को चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें।
* शराब, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थों से बचें, क्योकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।
* घर मे बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी, नीबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें, जिससे शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके।
* यदि तबीयत ठीक न लगे, तो गर्मी से उत्पन्न होने विकारों को पहचानें और किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरन्त चिकित्सीय परामर्श लें।
* गर्मी संग लू से बचने के लिए अपने घरों से छाता लेकर लिकनें
जिलाधिकारी ने आजमगढ़ की जनता से अपील किया है कि अगर आपके आस-पास कहीं भी इण्डिया मार्का हैण्डपम्प खराब पाये जाते है तो उसकी सूचना टोल फ्री न0-1077 पर दें।
Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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