टारगेट पूरा करो, चाहे कोई भी फंसे आजमगढ़ पुलिस का फरमान 

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टारगेट पूरा करो, चाहे कोई भी फंसे आजमगढ़ पुलिस का फरमान 

रिपोर्ट -अबुल कैश फरिहा 

फरिहा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर पुलिस की मनमानी से आम लोग बुरी तरह परेशान हैं। आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के भी चालान काटे जा रहे हैं—सिर्फ ऊपर के प्रेशर को पूरा करने के लिए!
क्या है पूरा मामला
फरिहा निवासी लाला , जो पेशे से मैजिक चालक हैं, 3 मई 2026 को शाम के समय अपनी गाड़ी लेकर एक बरात में जा रहे थे। जैसे ही वह मोहम्मदपुर तिराहे के पास पहुंचे, वहां तैनात एक दरोगा अंधाधुंध चालान काटते नजर आए।
लाला ने बताया कि उनके पास गाड़ी के सभी कागजात पूरे थे,पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी वैध था
सीट बेल्ट भी लगाए हुए थे फिर भी… 1000 रुपये का चालान ठोक दिया गया!
सबसे बड़ा आरोप:
जब लाला ने विरोध किया, तो दरोगा ने साफ कहा कि
ऊपर से प्रेशर है… शाम तक चालान का हिसाब देना होता है, चाहे गाड़ी सही हो या गलत।
क्या कानून अब ‘टारगेट गेम’ बन गया है?
अगर यह आरोप सही है, तो सवाल उठता है—क्या अब सड़क पर चलना भी ‘जुर्म’ हो गया है? क्या ईमानदार और नियमों का पालन करने वाले लोग भी इस दबाव का शिकार बनेंगे?पीड़ित लाला ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।क्या वाकई पुलिस पर चालान का टारगेट पूरा करने का दबाव है?
या फिर यह सिर्फ एक बहाना है आम जनता से वसूली का?
सच्चाई जो भी हो… लेकिन अगर ये आरोप साबित होते हैं, तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता हैं।

 

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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