सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे का विरोध करने पर युवक पर जानलेवा हमला, सात लोगों पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज

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*सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे का विरोध करने पर युवक पर जानलेवा हमला, सात लोगों पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज*

संवाददाता शिवशंकर यादव

 

बरदह (आजमगढ़)। बरदह थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अवैध कब्जे का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। रास्ते पर कब्जे का विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले में न्यायालय के आदेश पर बरदह थाने में सात नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमन राय (26 वर्ष) पुत्र कर्मदेव राय, निवासी ग्राम भूलनडीह, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके घर जाने वाले बाप-दादा के समय से चले आ रहे सार्वजनिक रास्ते पर गांव के रमेश गौड़ पुत्र श्रीप्रसाद गौड़, राजकुमार गौड़ पुत्र हरिप्रसाद, कमलेश गौड़ पुत्र हरिप्रसाद, रजत गौड़ पुत्र राजकुमार, नन्दलाल गौड़ पुत्र शिवप्रसाद, प्रेम उर्फ रामू गौड़ पुत्र रामप्रसाद तथा आकाश गौड़ पुत्र प्रमोद गौड़ जबरन अवैध निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उसने उप जिलाधिकारी मार्टीनगंज से शिकायत की थी। जांच के दौरान लेखपाल ने भी अपनी रिपोर्ट में सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण एवं कब्जे के प्रयास की पुष्टि की थी। इसके बावजूद 24 सितंबर 2025 की शाम करीब 5:30 बजे सभी आरोपी एक गोलबंद होकर फावड़ा, लोहे की रॉड, लाठी-डंडा आदि लेकर मौके पर पहुंचे और सार्वजनिक भूमि पर जबरन कब्जा करने लगे।
अमन राय के अनुसार, जब उन्होंने सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध न करने की बात कही तो आरोपी आगबबूला हो गए। आरोप है कि सभी ने मां-बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान रमेश गौड़ ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार कर दिया, जबकि अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर चोट लगने से वह जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए।शोर सुनकर अमरनाथ राय पुत्र राजपति राय तथा कमलेन्द्र राय पुत्र स्व. उमाशंकर राय सहित आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। पीड़ित का आरोप है कि सूचना के बावजूद स्थानीय पुलिस ने उनकी मेडिकल जांच नहीं कराई और न ही रिपोर्ट दर्ज की। बाद में उन्होंने जिला अस्पताल आजमगढ़ में अपना उपचार कराया, जहां डॉक्टरों की सलाह पर सीटी स्कैन कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सिर में गंभीर चोट आई थी, हालांकि हड्डी टूटने से बच गई।
पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), आजमगढ़ के आदेश पर बरदह थाने में सातों नामजद आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष बरदह चंद्रदीप कुमार का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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