12 सितम्बर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक, वादों के त्वरित निस्तारण पर जोर
आजमगढ़, 07 सितम्बर 2026//मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा मा० जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देश पर जनपद न्यायालय, आजमगढ़ तथा समस्त तहसील मुख्यालयों पर दिनांक 12 सितम्बर 2026 दिन शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मोटर दुर्घटना से सम्बन्धित वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक वाद, आपराधिक समनीय वाद, एन०आई० एक्ट, विद्युत अधिनियम बैंक के ऋण सम्बन्धी वाद, राजस्व वाद, चकबन्दी वाद तथा वे समस्त वाद जो सुलह समझौता के तहत निस्तारित किये जा सकते है, को जरिये सुलह समझौता निस्तारित कराया जायेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जनपद न्यायालय में स्थित “हाल ऑफ जस्टिस” में न्यायिक नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश मिश्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ बैठक सम्पन्न हुई। नोडल अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त प्रशासनिक अधिकारीगण को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। साथ ही साथ आम जनमानस से अपील करने के निर्देश दिये गये कि ऐसे वाद जिनका निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर हो सकता है, दिनांक 12 सितम्बर, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने वादों का निस्तारण करा सकते है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित वर्मा ने बैठक में उपस्थित समस्त प्रशासनिक अधिकारीगण को बताया कि लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों को सुलभ एवं शीघ्रता के साथ न्याय दिलाने के उद्देश्य से निरन्तर स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारी आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए प्रयास करें, ताकि सरकार और न्यायालय के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आम नागरिकों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर से प्रचार-प्रसार करायें। प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि लोक अदालत के उपरान्त निस्तारित वादों की सूची सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में प्रेषित करेंगे ताकि वादों की सूची राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।





