विवेक त्रिपाठी
जौकाबाद (जौनपुर)। खुटहन क्षेत्र के जौकाबाद गांव से पितरों के तर्पण एवं उद्धार के उद्देश्य से केशव तिवारी गया यात्रा पर रवाना हुए। प्रस्थान से पहले गांव में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उन्हें विदा करने का विशेष आयोजन किया गया।
मान्यता के अनुसार गया धाम की यात्रा पर जाने वाला श्रद्धालु गांव की परिक्रमा करते हुए ग्रामीणों से विदाई लेता है और रास्ते में अक्षत अर्पित करता है। इसी परंपरा के तहत ग्रामीणों ने केशव तिवारी को गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण कराया। इसके बाद गांव की सरहद तक पहुंचाकर उन्हें बस में बैठाया गया और मंगलकामनाओं के साथ गया के लिए रवाना किया।

विदाई के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया, जब उनके ज्येष्ठ पुत्र डॉ. शिव कुमार तिवारी ने पिता को गया यात्रा के लिए विदा किया। पिता-पुत्र के बीच भावुक विदाई की यह परंपरा सदियों से चली आ रही धार्मिक एवं पारिवारिक मान्यताओं से जुड़ी मानी जाती है।
इस अवसर पर दिवाकर तिवारी, संजय तिवारी, प्रमोद त्रिपाठी, विवेक कुमार त्रिपाठी, सुभाष चंद्र तिवारी, परदेशी, सभाजीत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने केशव तिवारी की सफल गया यात्रा तथा पितरों के तर्पण-अनुष्ठान की सफलता के लिए मंगलकामना की।





