विवेक त्रिपाठी पत्रकार
खुटहन (जौनपुर)। शाहबुद्दीनपुर गांव में 22 सितंबर की रात पत्रकार गोकर्ण पांडेय पर हुए हमले के मामले में नामजद मुख्य आरोपित हिरेंद्र मिश्रा उर्फ ‘हीरू’ घटना के नौ दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। गंभीर रूप से घायल गोकर्ण पांडेय को बेहतर उपचार के लिए गुरुवार को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य वांछित आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
हमले में गोकर्ण पांडेय के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के दौरान होश में आने के बाद विवेचक ने उनका विधिक बयान दर्ज किया। पुलिस को दिए बयान में उन्होंने घटना और आरोपितों की भूमिका के संबंध में अपना पक्ष बताया।

गिरफ्तारी में देरी पर परिवार ने जताई चिंता
पीड़ित परिवार ने मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि इससे मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पीड़ित पक्ष ने मुख्य आरोपित की जल्द गिरफ्तारी के साथ परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।
पीड़ित पक्ष की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, हिरेंद्र मिश्रा उर्फ ‘हीरू’ के विरुद्ध खुटहन थाने में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज रहे हैं। पुलिस अभिलेखों के हवाले से बताया गया कि मुकदमा अपराध संख्या 97/2024 में उसके विरुद्ध धारा 307, 386 समेत अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इस मामले में उसके न्यायालय से अंतरिम जमानत पर होने की बात भी बताई गई है।

इसके अतिरिक्त जून 2026 में भी उसके विरुद्ध एक अन्य मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पीड़ित पक्ष ने दी है। हालांकि, इन पूर्व मामलों और वर्तमान प्रकरण में पुलिस की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
थानाध्यक्ष खुटहन से दूरभाष पर हुई बातचीत में बताया गया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य नामजद आरोपित समेत अन्य वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की विवेचना को आगे बढ़ाने की चुनौती है।





