जौनपुर : “अबकी बार आर-पार!” 9 हजार बर्खास्त एम्बुलेंस कर्मियों की हुंकार, 2 अक्टूबर से लखनऊ में डेरा

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सेवा बहाली की मांग पर आर-पार की तैयारी, जौनपुर में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

पत्रकार विवेक त्रिपाठी 

जौनपुर। प्रदेश की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। 108, 102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश (पंजीकरण संख्या-10228) ने सेवा बहाली और नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से लखनऊ विधानसभा के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है।

संघ की ओर से जौनपुर के मीडिया प्रभारी विवेक कुमार त्रिपाठी ने सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

कोरोना काल की सेवा का हवाला

संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी वर्ष 2012 से प्रदेश की जनता को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब संक्रमण के डर से लोग घरों से निकलने से कतरा रहे थे, तब भी एम्बुलेंस कर्मियों ने मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम जारी रखा।

संघ का कहना है कि कोरोना काल में इन कर्मचारियों को कोरोना योद्धा और देवदूत के रूप में सम्मानित किया गया तथा उनके सम्मान में पुष्पवर्षा भी की गई। संगठन के मुताबिक, इसके बावजूद वर्ष 2021 में करीब 9 हजार कर्मचारियों को सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा सेवा से हटा दिया गया।

“बढ़ती उम्र और अनुभव के बीच रोजगार का संकट”

संघ का दावा है कि लंबे समय तक एम्बुलेंस सेवा में काम करने और उम्र बढ़ने के कारण बर्खास्त कर्मचारियों के सामने दोबारा रोजगार हासिल करने की चुनौती है। संगठन के अनुसार, रोजगार छिनने का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हुई है। बच्चों की पढ़ाई और परिवार के रोजमर्रा के खर्च तक प्रभावित होने की बात ज्ञापन में कही गई है।

2 अक्टूबर से सत्याग्रह का ऐलान

संघ ने सरकार से करीब 9 हजार बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा बहाली और भविष्य की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसात्मक आंदोलन के मार्ग पर लखनऊ विधानसभा के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

अब निगाह सरकार के रुख पर है कि 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मियों की सेवा बहाली से जुड़ी इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।

Azamgarh News
Author: Azamgarh News

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