आजमगढ़ न्यूज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी द्वारा रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा की PDA राजनीति पर तीखा हमला बोला है।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चुनाव के दौरान पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग के वोटों पर भरोसा करती है, लेकिन टिकट वितरण में परिवार और बड़े कारोबारी चेहरों को तरजीह देती है। उन्होंने जनता से सपा के PDA दावे को लेकर सतर्क रहने की अपील की। बसपा प्रमुख ने सपा के राज्यसभा प्रत्याशियों को ही अपने आरोप का ताजा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव को दोबारा राज्यसभा का टिकट दिया गया है, जबकि धनराज परिमल नाथवानी को भी प्रत्याशी बनाया गया है।

नाथवानी कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज से संबद्ध रहे हैं। मायावती ने दावा किया कि बसपा चुनावों में परिवार के सदस्यों अथवा बड़े पूंजीपतियों पर निर्भर रहने के बजाय पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं और कमजोर तबकों से जुड़े लोगों को उम्मीदवार बनाने की नीति पर चलती है। उन्होंने अपनी पार्टी की राजनीति को परिवारवाद और धनबल से अलग बताया।

राज्यसभा के तीसरे प्रत्याशी पर भी निशाना
मायावती ने सपा के संभावित तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि तीसरा उम्मीदवार उतारने की कवायद चुनावी नुकसान की स्थिति में ‘फेस सेविंग’ का प्रयास हो सकती है।उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों को लेकर सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं और दोनों प्रत्याशियों ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था। मायावती के इस बयान ने राज्यसभा चुनाव की लड़ाई को सिर्फ संख्या और उम्मीदवारों तक सीमित न रखते हुए PDA, परिवारवाद, सामाजिक प्रतिनिधित्व और पूंजी की राजनीति के सवालों से भी जोड़ दिया है।





