रिपोर्टर : ए के तिवारी जौनपुर
जौनपुर/लखनऊ। जौनपुर के सुखीपुर से निकली विद्यासागर सोनकर की करीब चार दशक लंबी राजनीतिक यात्रा अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने जा रही है। भाजपा प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते समय जिस तरह पार्टी के शीर्ष प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी रही, उसने इस नामांकन को पूर्वांचल की राजनीति में खास चर्चा का विषय बना दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सोनकर ने नामांकन किया। उनके साथ पूर्व मंत्री मोती सिंह, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’ सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

बूथ अध्यक्ष से संसद के उच्च सदन तक
21 जुलाई 1961 को जौनपुर में जन्मे विद्यासागर सोनकर ने वर्ष 1985 में भाजपा के बूथ अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। वर्ष 1989 में वह जौनपुर नगर पालिका के सभासद चुने गए और 1996 में तत्कालीन सैदपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बने। वर्ष 2000 में उन्होंने भाजपा के जौनपुर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद सोनकर ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और प्रदेश महामंत्री जैसे दायित्व संभाले। वर्ष 2016 में वह विधान परिषद सदस्य बने और 2023 में विधान परिषद में भाजपा के उपनेता की जिम्मेदारी भी मिली।

सियासी सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2009 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता जारी रही। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की जनसंपर्क यात्राओं में भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।

जौनपुर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नामांकन?
भाजपा ने यूपी से राज्यसभा की आठ सीटों के लिए सोनकर समेत आठ प्रत्याशी उतारे हैं। राजनीतिक विश्लेषण में इस चयन को संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नामांकन के बाद सोनकर ने उपस्थित नेताओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और परिवारजनों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें मिला स्नेह और विश्वास आगे की जिम्मेदारी निभाने में प्रेरणा और संबल देगा।

जौनपुर की स्थानीय राजनीति से शुरू हुआ यह सफर अब राष्ट्रीय राजनीति के उच्च सदन तक पहुंचने की स्थिति में है। ऐसे में सोनकर का राज्यसभा पहुंचना न सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर का नया अध्याय है, बल्कि जौनपुर के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।





